असम चुनाव से पहले सरमा पर लगे आरोपों का राजनीतिक विवाद

असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए वित्तीय आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इसे विदेशी साजिश और पाकिस्तानी कनेक्शन का मामला बताया है। इस विवाद में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह चुनावी माहौल को प्रभावित करने का एक सुनियोजित प्रयास है। जानें इस राजनीतिक विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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असम चुनाव से पहले सरमा पर लगे आरोपों का राजनीतिक विवाद

राजनीतिक उथल-पुथल

असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 9 अप्रैल को होने वाला है, और इस बीच राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए वित्तीय आरोपों को पूरी तरह से नकारते हुए इसे 'विदेशी साजिश' और 'पाकिस्तानी संबंध' का मामला बताया है। इस संदर्भ में कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है और FIR भी दर्ज की गई है।


कांग्रेस के आरोप

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के नेताओं ने चुनावी माहौल में सरमा की पत्नी के वित्तीय और व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। गौरव गोगोई समेत कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं और वह एक कंपनी के माध्यम से 52,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं।


सरमा का कड़ा जवाब

सरमा ने "पाकिस्तान लिंक" का आरोप लगाया

सरमा ने कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत सामग्री को एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया नेटवर्क से लिया गया बताया। उन्होंने कहा, "हमने पाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप द्वारा प्रदान की गई थी।" इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी मीडिया चैनलों ने असम चुनावों पर कई चर्चाएं की हैं, जो कांग्रेस के पक्ष में थीं।


कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया

FIR दर्ज, कानूनी कार्रवाई की संभावना

सरमा ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी ने उन आरोपों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है, जिन्हें उन्होंने "मनगढ़ंत और मानहानिकारक" कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनावों को प्रभावित करने के लिए जाली दस्तावेजों का उपयोग करने पर गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं, जो IPC की धारा 420 और 468 के तहत आ सकते हैं।


फर्जी कंपनियों का आरोप

फर्जी कंपनियों और दस्तावेजों के दावे

सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि विदेशों में शेल कंपनियाँ बनाना आसान है और उन्होंने अपने विरोधियों पर सबूत गढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "कोई भी व्यक्ति 199 USD का भुगतान करके एक कंपनी रजिस्टर करवा सकता है।" इसके बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़, जिनमें पासपोर्ट की तस्वीरें शामिल थीं, "मनगढ़ंत" थे।


असम विधानसभा चुनाव की तारीखें

असम विधानसभा चुनाव 2026

असम में मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।