असम के मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों की चिंता जताई

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने असम में जिहादी गतिविधियों की बढ़ती चिंता और हाल ही में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी। सरमा ने सभी से सतर्क रहने की अपील की और बांग्लादेश में हिंदू समाज के लिए आशा की किरण जगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 | 
असम के मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों की चिंता जताई

बांग्लादेश में हालात पर चिंता

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रमों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर बढ़ते अत्याचार असम के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं। सरमा ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की और स्थिति पर गहन निगरानी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें बांग्लादेश में हिंदू समाज के लिए आशा की किरण जगाने की भी आवश्यकता है।


जिहादी गतिविधियों पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी

जब असम में हाल ही में कुछ जिहादी तत्वों की गिरफ्तारी के बारे में पूछा गया, तो सरमा ने बताया कि पिछले एक दशक से जिहादी गतिविधियाँ असम में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि असम की सुरक्षा हमेशा से एक चिंता का विषय रही है और उन्हें विश्वास है कि अभी भी कुछ स्लीपर सेल सक्रिय हैं। भू-राजनीतिक स्थिति में सुधार न होने तक असम की सुरक्षा चिंता का विषय बनी रहेगी।


मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि असम के कछार जिले में मादक पदार्थों के पांच संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और दो करोड़ रुपये की नशीली दवाएं बरामद की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये नशीली दवाएं जिले में दो अलग-अलग वाहनों से जब्त की गई हैं। सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि कछार पुलिस ने सुनाबारीघाट बाईपास पर दो वाहनों को रोककर तलाशी ली और 406 ग्राम हेरोइन जब्त की। उन्होंने असम पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का रास्ता असम में दूर तक नहीं जाता, यहीं खत्म हो जाता है।