अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं में देरी का आरोप लगाया
गहलोत का भाजपा पर हमला
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को एक बच्ची के इलाज में हुई कथित देरी को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित की योजनाओं को कमजोर कर रही है।
गहलोत ने इस मामले से संबंधित एक खबर को साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भाजपा सरकार का असली चेहरा जयपुर के एसएमएस अस्पताल की घटना ने उजागर किया है, जहां 'राष्ट्रीय एकता' और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की बातें की जाती हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'जयपुर में करंट से झुलसी मध्यप्रदेश की एक बच्ची को एसएमएस अस्पताल में घंटों तक इलाज नहीं मिला, क्योंकि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। यह अमानवीयता की चरम सीमा है। क्या इलाज के लिए भी राज्य की पहचान देखी जाएगी?'
गहलोत ने यह भी बताया कि कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना इसलिए शुरू की थी ताकि किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राज्य का निवासी हो, बिना किसी कार्ड या पैसे के 72 घंटे तक मुफ्त आपातकालीन इलाज मिल सके।
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार का स्पष्ट मानना था कि गोल्डन ऑवर में डॉक्टर की प्राथमिकता मरीज की जान बचाना होनी चाहिए, न कि कागजात की जांच करना।
गहलोत ने यह भी व्यक्त किया कि यह बेहद दुखद है कि वर्तमान भाजपा सरकार ने जनहित की योजनाओं को कमजोर कर दिया है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं अब कार्ड और शर्तों पर निर्भर हो गई हैं।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से अपील की कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और सुनिश्चित करे कि आपात स्थिति में किसी भी मरीज का इलाज कागजों की कमी के कारण न रुके, और मरीज की जान बचाना प्राथमिकता हो।
