अशोक गहलोत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा की

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन घटनाओं को मानवता पर कलंक बताते हुए भारत सरकार की कूटनीतिक नीति की आलोचना की। गहलोत ने केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की और कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के जीवन और गरिमा की रक्षा करना भारत का नैतिक दायित्व है।
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अशोक गहलोत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा की

गहलोत की कड़ी प्रतिक्रिया

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने भारत सरकार की कूटनीतिक नीति पर भी सवाल उठाए। गहलोत ने एक पोस्ट में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा को "चिंताजनक" बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में पांच हिंदुओं की हत्या और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार मानवता पर एक बड़ा कलंक हैं।


गहलोत ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की याद दिलाते हुए बांग्लादेश में भारत-विरोधी भावनाओं के बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता करार दिया।


उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही बर्बरता की खबरें चिंताजनक हैं। 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।"


गहलोत ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के जीवन और गरिमा की रक्षा करना भारत का नैतिक और कूटनीतिक दायित्व है।


केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील

गहलोत ने केंद्र सरकार से अपील की कि उन्हें केवल औपचारिक बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन और गरिमा की रक्षा करना हमारा नैतिक और कूटनीतिक दायित्व है।


उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि निर्दोषों की जान केवल खोखले नारों से नहीं बचाई जा सकती, बल्कि इसके लिए निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव डालना चाहिए।