अशोक गहलोत ने नागौर हत्याकांड के फैसले पर चिंता जताई

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नागौर डांगावास हत्याकांड में अदालत के हालिया फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बावजूद न्याय न मिलने को जांच में खामियों का संकेत बताया। गहलोत ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दलित समाज के साथ अन्याय की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
 | 
gyanhigyan

नागौर डांगावास हत्याकांड का विवादास्पद फैसला

जयपुर, 6 अगस्त: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नागौर डांगावास हत्याकांड में स्थानीय अदालत के निर्णय को अत्यंत चिंताजनक बताया है। उनका कहना है कि 11 वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बावजूद न्याय न मिलना जांच और अभियोजन में गंभीर खामियों को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि नागौर जिले के विशेष न्यायालय (अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति) ने डांगावास हत्याकांड के सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया है।


इस हत्याकांड में 2015 में जमीन विवाद के चलते पांच दलितों की हत्या की गई थी। गहलोत ने एक बयान में कहा, "नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला अत्यंत चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद के कारण छह लोगों की निर्मम हत्या हुई थी, और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।"


उन्होंने पीड़ित परिवारों के सवाल को उचित ठहराते हुए कहा, "अगर 40 आरोपी बरी हो गए हैं, तो इन छह लोगों की हत्या आखिर किसने की?" पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, "11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच और सुनवाई के बावजूद न्याय न मिलना जांच और अभियोजन में गंभीर खामियों को दर्शाता है।"


गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि "भाजपा सरकार के शासन में 11 साल पहले ऐसी घटना होना और अब उसी शासन में प्रतिकूल फैसला आना यह दर्शाता है कि भाजपा न्याय के पक्ष में नहीं है। दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है।


उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और राज्य सरकार से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।