अवध प्रांत में संघ कार्य का विस्तार और सामाजिक समरसता पर चर्चा

लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में संघ कार्य के विस्तार और सामाजिक समरसता पर चर्चा की गई। सरदार स्वर्ण सिंह और संजय सिंह ने संत रविदास जी के संदेश का महत्व बताया और विभिन्न कार्यक्रमों की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में महापुरुषों के कार्यों को जाति और पंथ के भेदभाव से ऊपर उठाकर स्वीकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बैठक में संघ के कार्यों के विस्तार और युवा पीढ़ी में राष्ट्रबोध को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
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अवध प्रांत में संघ कार्य का विस्तार और सामाजिक समरसता पर चर्चा

संघ कार्य की बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा

लखनऊ: अवध प्रांत के संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह और सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने मंगलवार को लखनऊ के विश्व संवाद केन्द्र में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता में समालखा, हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के संदर्भ में संगठन कार्य के विस्तार, राष्ट्रहित में समाज की सज्जनशक्ति की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।


संत रविदास जी के संदेश का महत्व

सरदार स्वर्ण सिंह ने बताया कि बैठक में संत शिरोमणि सद्‌गुरु श्री रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा एक वक्तव्य जारी किया गया। इसमें कहा गया कि वर्तमान में विभाजनकारी शक्तियों के प्रयासों के बीच संत रविदास जी के जीवन संदेश को समझते हुए समाज की एकता के लिए कार्य करने का संकल्प लेना आवश्यक है।


महापुरुषों के कार्यों का सम्मान

उन्होंने यह भी कहा कि समाज को महापुरुषों के कार्यों को जाति और पंथ के भेदभाव से ऊपर उठकर स्वीकार करना चाहिए। संघ के स्वयंसेवकों ने सिख परंपरा के नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी के बलिदान के 350वें वर्ष के अवसर पर देशभर में 2000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए। अवध प्रांत में भी 24 स्थानों पर कार्यक्रम हुए, जिसमें 10,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।


उत्सवों और कार्यक्रमों की सफलता

सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने बताया कि पिछले विजयादशमी से देशभर में कई उत्सव सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। समाज के विभिन्न वर्गों ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और संघ के निमंत्रण पर सहयोग दिया। मंडल बस्ती स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों ने संगठन की दृष्टि से समाज की छोटी इकाई तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की है।


संघ का निरंतर कार्य विस्तार

अवध प्रांत में संगठनात्मक कार्य का निरंतर विस्तार हो रहा है। प्रांत के 2888 मंडलों में से 2860 में शाखाएँ हैं, और 2728 मंडलों में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। कुल 18993 गाँवों में से 15864 गाँवों में घर-घर संपर्क किया गया। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आगामी विजयादशमी तक सम्पन्न होंगे, और युवा पीढ़ी में राष्ट्रबोध और संगठन स्वभाव को बढ़ावा देने की योजना है।


पत्रकारों का आभार और होली की शुभकामनाएँ

अंत में, सभी पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त किया गया और होली की शुभकामनाएँ दी गईं। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष जी भी उपस्थित रहे।