अलीगढ़ में बीटेक छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट में मां-बाप से मांगी माफी
घटना का विवरण
अलीगढ़ में एक बीटेक छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के तृतीय वर्ष के छात्र घनेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के इंदिरानगर में एक निजी छात्रावास में अकेला रह रहा था। पुलिस के अनुसार, जब घनेंद्र दोपहर 12:30 बजे तक अपने कमरे से बाहर नहीं आया, तो हॉस्टल वार्डन ने रामगढ़ताल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो दरवाजा तोड़कर अंदर गई, जहां घनेंद्र का शव पंखे से लटका हुआ पाया गया।
सुसाइड नोट की चौंकाने वाली बातें
पुलिस ने छात्र के कमरे से एक पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद किया। नोट में लिखा था, "मैं न तो एक अच्छा बेटा बन सका और न ही एक अच्छा छात्र। मां और पिताजी, कृपया मुझे माफ कर दें। मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। अगले जन्म में मैं आपका बेटा बनकर लौटूंगा और आपके सपनों को पूरा करूंगा।"
इस घटना की जानकारी फॉरेंसिक टीम को दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर जांच की और बाद में घनेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामगढ़ताल थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि छात्र के परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जो गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
लखीमपुर खीरी में एक और आत्महत्या
लखीमपुर खीरी जिले में, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यूजी के एक अभ्यर्थी ने भी आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि परीक्षा रद्द होने के कारण उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। मृतक की पहचान रितिक मिश्रा के रूप में हुई है, जिसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। उसके पिता ने कहा, "पेपर लीक की खबरों के बाद नीट परीक्षा रद्द होने से रितिक काफी तनाव में था। यह उसका तीसरा प्रयास था और उसे इस बार सफलता की पूरी उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह भावनात्मक रूप से टूट गया था।"
