अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में फर्जी डॉक्टर की गिरफ्तारी
फर्जी डॉक्टर का मामला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के सुरक्षाकर्मियों और चिकित्सकों की सजगता के चलते एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है, जो लंबे समय से अस्पताल में मरीजों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था। पिछले कुछ दिनों में कॉलेज प्रशासन को कई शिकायतें मिली थीं कि कुछ संदिग्ध लोग अस्पताल परिसर में घूम रहे हैं और मरीजों को गुमराह कर रहे हैं।
संदिग्ध गतिविधियों की पहचान
इन शिकायतों के बाद, मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने सतर्कता बढ़ा दी। संदिग्ध युवक ने गले में स्टेथोस्कोप डाल रखा था और खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों से बातचीत कर रहा था। जब डॉक्टरों ने उससे सवाल किए, तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया।
बरामद सामान और गिरोह का खुलासा
पकड़े गए आरोपी के पास से कई चौंकाने वाली चीजें मिली हैं, जो एक संगठित गिरोह की ओर इशारा करती हैं। उसके पास से बड़ी संख्या में सर्जिकल ब्लेड, मरीजों के पर्चे, भर्ती स्लिप और रिपोर्ट्स के फोटो मिले हैं। इसके अलावा, आरोपी के पास अन्य डॉक्टरों और दलालों के मोबाइल नंबर भी पाए गए हैं।
मामले की जांच
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फर्जी डॉक्टर मुख्य रूप से मरीजों को शिफ्ट करने के खेल में शामिल था। वह ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले गरीब मरीजों को निशाना बनाता था। वह मरीजों को बताता था कि सरकारी अस्पताल में इलाज में बहुत समय लगेगा या सुविधाएं ठीक नहीं हैं। इसके बाद, वह उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों में भेज देता था, जिसके बदले उसे कमीशन मिलता था। पकड़े जाने के बाद, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन प्राइवेट अस्पतालों से जुड़ा था और उसके गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं।
