अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ तनाव: खरगे ने केंद्र से उठाए महत्वपूर्ण सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव को लेकर केंद्र सरकार से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की और चीन को दी जा रही क्लीन चिट को समाप्त करने का आग्रह किया। खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और कूटनीतिक जवाबदेही के मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। इस घटनाक्रम के बीच, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सीमा पर सुरक्षा और चीन के साथ व्यापार घाटे पर सवाल उठाए हैं।
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खरगे का केंद्र सरकार पर हमला


नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से कुछ गंभीर सवाल पूछे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वे देश के सामने वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करें और चीन को दी जा रही क्लीन चिट को समाप्त करें। खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और कूटनीतिक जवाबदेही से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।


कांग्रेस का केंद्र पर निशाना

कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारत-चीन के बीच टकराव को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है। 23 अक्टूबर को खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार को चीन को क्लीन चिट देना बंद करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से सच्चाई को उजागर करने की मांग की और कहा कि सरकार को सीमा पर मौजूदा स्थिति के बारे में देश को जानकारी देनी चाहिए।


खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ टकराव की पुष्टि की है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।


चीन के साथ व्यापार पर सवाल

खरगे ने यह भी कहा कि अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के त्सांगिंग क्षेत्र में चीनी घुसपैठ की खबरें आई थीं। इसके बावजूद, वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी टकराव जारी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस स्थिति में भारत के गश्त करने के अधिकारों से कोई समझौता हुआ है।


आर्थिक सुरक्षा के संदर्भ में, खरगे ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच व्यापार और आयात में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में गलवान घाटी में भारतीय सेना के 20 जवानों के बलिदान के बाद से चीन से आयात में 102 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


सरकार से जवाबदेही की मांग

खरगे ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह पहल अब चीन से आयात पर बढ़ती निर्भरता में बदल रही है। उन्होंने आर्थिक सुरक्षा को राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए सरकार से भारत-चीन व्यापार संबंधों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।


आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने हाल ही में भारत और चीन के बीच लंबे समय से जारी टकराव का उल्लेख किया था। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद बढ़ गया है और कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा और चीन के साथ भारत के संबंधों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।


खरगे के तीन प्रमुख मुद्दे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मुद्दे रखे हैं: अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर सुरक्षा की स्थिति, चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा, और सीमा पर हो रही घटनाओं के लिए सरकार की जवाबदेही। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री को इन सवालों पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।