अयोध्या राम मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई: सभी आरोपी गिरफ्तार
राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ प्राथमिकी और गिरफ्तारी
अयोध्या में स्थित राम मंदिर से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आठ व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने शुक्रवार को सभी नामित आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद फैज़ाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जाएगा।
ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव सहित कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र जैसे विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
एसआईटी का गठन और मुख्यमंत्री का बयान
राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।
इस एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि एसआईटी की निष्पक्ष जांच से सभी तथ्यों का खुलासा होगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को सात जून को उठाया और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
