अयोध्या राम मंदिर दान में वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज
राम मंदिर दान में हेराफेरी का मामला
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला गंभीर होता जा रहा है। पुलिस के उच्च अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की जांच में तेजी लाने की उम्मीद है। अयोध्या पुलिस 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजने की योजना बना रही है।
सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इन व्यक्तियों के बयान दर्ज करने से जांचकर्ताओं को घटनाओं का क्रम समझने में मदद मिलेगी।
बयान दर्ज करने की प्रक्रिया
अयोध्या पुलिस इन तीनों व्यक्तियों से उसी तरीके से पूछताछ कर सकती है जैसे पहले स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने की थी। अधिकारियों का मानना है कि उनके बयान से तथ्यों की पुष्टि होगी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच को मजबूती मिलेगी।
अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ
इन तीनों के अलावा, पुलिस मंदिर के चंदा प्रबंधन से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बयान भी दर्ज कर सकती है। इसमें चंदा गिनने वाले, कैश को बैंक तक पहुँचाने वाले और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
छापेमारी की कार्रवाई
यह घटनाक्रम अयोध्या पुलिस द्वारा 10 स्थानों पर छापेमारी के एक दिन बाद सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी अभियान लगभग छह से आठ घंटे तक चला। छापेमारी के बाद कई आरोपियों के परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
बरामद की गई सामग्री
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में कैश, गहने, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज, एग्रीमेंट पेपर और बैंक पासबुक बरामद की गई। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कई संपत्तियाँ परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये संपत्तियाँ कथित चंदा चोरी से जुड़े फंड का उपयोग करके खरीदी गई थीं।
जांच की प्रगति
अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है और नए सबूत मिलने पर और लोगों से पूछताछ की जा सकती है। पुलिस ज़ब्त किए गए दस्तावेज़ों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि फंड के लेन-देन का पता लगाया जा सके।
मामले की गंभीरता
राम मंदिर में दान में हेराफेरी का मामला एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। SIT की जांच में मंदिर के दान प्रबंधन प्रणाली में कमियाँ पाई गई हैं और आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। हालांकि, दान की रकम में हेराफेरी के तरीके की जांच अभी जारी है।
स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का उल्लंघन
रिपोर्ट के अनुसार, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) का उल्लंघन किया गया था, जिसमें गिनती के दौरान सुरक्षा गार्ड की तैनाती और CCTV फ़ुटेज को सुरक्षित रखने में कमी शामिल है।
