अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT की जांच तेज, चंपत राय से पूछताछ
अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने चंपत राय से गहन पूछताछ की। राय ने अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने तुरंत कार्रवाई की थी। SIT की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की है। चंपत राय ने तिन्नू यादव के संबंध में भी टिप्पणी की। पुलिस अब ट्रस्ट के सदस्यों की आर्थिक जानकारी जुटा रही है। जानें इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्या हो रहा है।
| Jun 30, 2026, 12:45 IST
जांच में तेजी लाने की दिशा में कदम
अयोध्या के प्रतिष्ठित राम मंदिर में दान की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच एजेंसी ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से लगभग तीन घंटे तक गहन पूछताछ की और उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं ने चंपत राय के सामने प्रशासनिक निर्णयों, दान प्रबंधन और नियुक्तियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवाल रखे, जिनमें से कई के उत्तर वे नहीं दे सके।
चंपत राय का बयान
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब चंपत राय के बयान की तुलना अन्य गवाहों, दस्तावेजों और तथ्यों से करेगी। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद, पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि SIT जुलाई के पहले सप्ताह में अयोध्या आएगी, अपनी जांच पूरी करेगी और सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
चंपत राय की भूमिका
पूछताछ के दौरान, चंपत राय ने पुलिस को बताया कि दान चोरी मामले में उनकी कोई संलिप्तता नहीं थी। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की, संदिग्धों को पकड़ा और पुलिस में FIR दर्ज कराई। उन्होंने कहा, "मैंने व्यक्तिगत रूप से SIT के पास शिकायत दर्ज कराई, और उसी के आधार पर मामला दर्ज किया गया। हाँ, शिकायत दर्ज कराने में देरी करना और खुद ही आंतरिक जांच जारी रखना मेरी गलती थी।"
तिन्नू यादव पर चंपत राय की टिप्पणी
हालांकि, चंपत राय ने यह भी स्वीकार किया कि दान प्रणाली में कोई गड़बड़ी न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी। तिन्नू यादव से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि तिन्नू लंबे समय से मंदिर प्रबंधन से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा, "तिन्नू ने कुछ गलत किया, और इसकी उम्मीद नहीं थी।" पुलिस ने उनसे यह भी पूछा कि राम मंदिर से जुड़े कार्यों के लिए रिश्तेदारों या जान-पहचान वालों को किस आधार पर काम सौंपा गया था। चंपत राय ने उत्तर दिया कि यह काम जरूरतमंद और गरीब लोगों को दिया गया था। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों में केवल उनकी ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका थी।
पुलिस की आर्थिक जांच
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान चंपत राय ने अनिल और गोपाल राव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोगों को काम पर रखने में उनकी सिफारिशों का भी उपयोग किया गया था। अधिकांश मामलों में नियुक्तियां गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के उद्देश्य से की गई थीं, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि कोई गड़बड़ी करेगा।
पुलिस चंपत राय, गोपाल राय और अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के कई सदस्यों की आर्थिक जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि उनके बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच चल रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि चंपत राय अच्छे प्रशासक नहीं हैं और उन्होंने लापरवाही बरती है।
आरोपियों से पूछताछ की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, अयोध्या पुलिस ने जेल में कुछ आरोपियों से पूछताछ करने के लिए अर्ज़ी दी है, लेकिन कोर्ट ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। अनुमति मिलने के बाद, पुलिस जल्द ही इस मामले में सभी आठ आरोपियों - जिनमें तिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला और लवकुश शामिल हैं - से जेल में पूछताछ कर सकती है।
