अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रमुख पंकज चौधरी ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। चौधरी ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक दल संस्थानों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पवन पांडे के आरोपों के बारे में।
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बीजेपी प्रमुख का बयान

उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अयोध्या राम मंदिर के चंदे में संभावित हेराफेरी के मामले में कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। चौधरी ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा FIR की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ऐसा कुछ हुआ है, तो सख्त कार्रवाई आवश्यक है।


जांच के लिए SIT का गठन

चौधरी ने आगे बताया कि इस मामले की जांच के लिए पहले से ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में ठोस कदम उठाए हैं और SIT की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। चंपत राय के इस्तीफे की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।


विपक्ष की आलोचना का जवाब

विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए, चौधरी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल संस्थानों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच को पूरा होने देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज अखिलेश यादव को राम जन्मभूमि की चिंता है, जबकि पहले जब राम लला टेंट में थे, तब उन्हें कोई चिंता नहीं थी।


पवन पांडे के आरोप

यह बयान अयोध्या के पूर्व SP विधायक पवन पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर के लिए मिले चंदे में ₹7 करोड़ से ₹7.5 करोड़ का गबन हुआ है। इन आरोपों के बाद, श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने 14 जून को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया।