अयोध्या राम मंदिर चंदे की जांच पर इंद्रेश कुमार का बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हेराफेरी की जांच को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जांच बिना किसी हस्तक्षेप के होनी चाहिए और अंतिम निर्णय SIT की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और सरकार की क्या योजनाएँ हैं।
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इंद्रेश कुमार का बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख नेता इंद्रेश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या राम मंदिर के लिए प्राप्त चंदे में संभावित हेराफेरी की जांच को बिना किसी हस्तक्षेप के आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम निर्णय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट के आने के बाद ही लिया जाना चाहिए। लेह, लद्दाख में मीडिया से बातचीत करते हुए कुमार ने बताया कि सरकार ने SIT का गठन कर दिया है और जांच प्रक्रिया चल रही है। हमें अब रिपोर्ट का इंतज़ार करना चाहिए।


जांच पर धैर्य रखने की अपील

कुमार ने जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की और कहा कि उन्होंने मीडिया और राजनीति में 'भगवा आतंकवाद' के मुद्दे पर काफी हंगामा देखा है। उन्होंने कहा कि जब SIT की रिपोर्ट आएगी, तब भारत सरकार उसके आधार पर उचित कार्रवाई करेगी, और सभी को इसका स्वागत करना चाहिए। इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


सरकार की गंभीरता

पाठक ने बताया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और FIR दर्ज कर ली गई है। अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले दान के कथित गबन के संबंध में 25 जून को FIR दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) शामिल हैं।


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