अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक: दान हेराफेरी के आरोपों पर चर्चा

अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी के आरोपों के चलते 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के भविष्य पर चर्चा की गई। डॉ. मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। बैठक में SIT की रिपोर्ट पर भी विचार किया जाएगा। जानें इस बैठक में और क्या हुआ और प्रमुख सदस्यों की भूमिका क्या रही।
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राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्राप्त दान में हेराफेरी के आरोपों के चलते 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक का उद्देश्य ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के भविष्य पर विचार करना है। डॉ. मिश्रा ने कथित चोरी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।


बैठक में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी। मीडिया की उपस्थिति और गोपनीयता की चिंताओं के कारण यह बैठक राम मंदिर परिसर के भीतर स्थित गेस्ट हाउस में हो रही है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, जो हाल ही में अस्पताल से छुट्टी लेकर आए हैं, भी इस बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने पहले कहा था कि वह इस कथित चोरी से "बहुत दुखी" हैं और दोषियों को सजा मिलने की उम्मीद जताई थी।


संजय प्रसाद का वर्चुअल योगदान

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट संजय प्रसाद को सौंपी है, जो ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं।


चंपत राय की अनुपस्थिति

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं होंगे, जो अयोध्या के राम मंदिर में चोरी के आरोपों के बीच बुलाई गई है।


बैठक में ट्रस्ट के सदस्य

बैठक में ट्रस्ट के 14 में से 9 सदस्य शामिल हुए हैं। संजय प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट संजय प्रसाद को सौंपी थी, और यह संभावना है कि इस रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी।