अमेरिकी सेना का ऐतिहासिक बचाव अभियान: ईरान में फंसे पायलटों की सफल रेस्क्यू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में एक ऐतिहासिक बचाव अभियान का खुलासा किया, जिसमें दो पायलटों को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिकी सेना ने अपनी पूरी ताकत झोंकी। इस ऑपरेशन में 176 लड़ाकू विमानों और सैकड़ों जवानों ने भाग लिया। जानें इस साहसी मिशन की पूरी कहानी, जिसमें दुश्मन के क्षेत्र में कठिनाइयों का सामना किया गया और अद्वितीय तकनीक का उपयोग किया गया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण और रोमांचक बचाव अभियान का विवरण साझा किया है। ईरान के पहाड़ी क्षेत्र में गिराए गए अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल के दो क्रू सदस्यों को बचाने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी सैन्य शक्ति का उपयोग किया। यह ऑपरेशन लगभग दो दिनों तक चला, जिसमें 176 लड़ाकू विमानों और सैकड़ों सैनिकों ने भाग लिया।


ऑपरेशन की चुनौतियाँ

ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि इस जोखिम भरे ऑपरेशन में कई प्रकार के विमान शामिल थे। उन्होंने इसे “बेहद खतरनाक” बताया। पहले पायलट को, जिसका कॉल साइन ‘Dude 44 Alpha’ था, जेट के गिरने के कुछ घंटों के भीतर सुरक्षित निकाल लिया गया। व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “हमने आसमान पर नियंत्रण रखा। पहले पायलट को बचाने के लिए हम दिन के उजाले में सात घंटे तक ईरान के ऊपर उड़ते रहे।”


दूसरे पायलट की खोज

दूसरे पायलट, जो एक वेपन सिस्टम ऑफिसर (WSO) थे और जिनका कॉल साइन ‘Dude 44 Bravo’ था, को पहाड़ी इलाके में कठिन खोज के बाद लगभग दो दिन बाद बचाया गया।


दुश्मन के क्षेत्र में ऑपरेशन

ट्रंप ने बताया कि हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान और ईंधन भरने वाले विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में गहराई तक गए, और कई बार उन्हें दुश्मन की ओर से भारी गोलीबारी का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे महज एक “किस्मत का दांव” बताया, यह कहते हुए कि कभी-कभी किस्मत साथ देती है।


सटीकता और धैर्य की परीक्षा

WSO की खोज एक बड़ी परीक्षा बन गई। हालांकि वह घायल थे और बहुत खून बह रहा था, उन्होंने विमान के गिरने की जगह से दूर हटकर एक आधुनिक यंत्र चालू किया। CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि एजेंसी ने बेहतरीन तकनीक का उपयोग किया, जिससे ईरानी सेना को चकमा दिया जा सके।


गुमराह करने की रणनीति

बचाव अभियान में गुमराह करने की रणनीति का इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने बताया कि WSO को निकालने के लिए 155 विमानों का उपयोग किया गया। हालांकि, मालवाहक विमानों को रेतीली ज़मीन से उड़ान भरने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।


सैन्य की बहादुरी

जनरल केन ने दोनों क्रू सदस्यों की बहादुरी की सराहना की, जिन्होंने दुश्मन की सीमा के भीतर फंसे होने के बावजूद साहस नहीं खोया। ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक बचाव अभियान बताया, जिसमें अमेरिका की सेना ने दुश्मन के ठिकानों को नष्ट किया और सुरक्षित बाहर निकल आई।