अमेरिकी टीम की पाकिस्तान यात्रा से ईरान वार्ता में नई उम्मीदें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के दूसरे चरण के लिए अमेरिकी टीम की पाकिस्तान यात्रा की घोषणा की है। इस ऐलान ने सीजफायर के विस्तार की संभावनाओं को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। ईरान ने वार्ता की पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण मतभेद बने हुए हैं। पाकिस्तान में सुरक्षा इंतजाम कड़े किए जा रहे हैं, जबकि ट्रंप ने अपनी धमकियों को दोहराया है।
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राष्ट्रपति ट्रंप का महत्वपूर्ण ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उनकी टीम सोमवार को ईरान के साथ वार्ता के दूसरे चरण के लिए पाकिस्तान जाएगी। ट्रंप के इस बयान ने बुधवार तक समाप्त होने वाले नाजुक सीजफायर के विस्तार की संभावनाओं को बढ़ा दिया है, जबकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर गतिरोध अभी भी बना हुआ है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो वह उसके बुनियादी ढांचे को फिर से निशाना बना सकता है।


ईरान की प्रतिक्रिया

हालांकि ईरान ने वार्ता की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उसके प्रमुख वार्ताकार, संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी महत्वपूर्ण मतभेद हैं। व्हाइट हाउस ने बताया कि वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस इस्लामाबाद में वार्ता का नेतृत्व करेंगे, जिसमें स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं।


सुरक्षा इंतजाम और तैयारी

पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में सुरक्षा को कड़ा करना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थता की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और अमेरिका की एडवांस सिक्योरिटी टीमें पहले से ही पाकिस्तान पहुंच चुकी हैं।


पिछली वार्ता में बाधाएं

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों ने उन मुद्दों पर अपने रुख में कोई बदलाव किया है, जिनकी वजह से पिछली वार्ता विफल हुई थी। इनमें ईरान का न्यूक्लियर एनरिचमेंट प्रोग्राम, क्षेत्रीय प्रॉक्सी और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण शामिल हैं।


ट्रंप की धमकियां

ट्रंप ने ईरानी बुनियादी ढांचे के खिलाफ अपनी धमकियों को फिर से दोहराया है, जिसके लिए उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, "अगर ईरान अमेरिका द्वारा प्रस्तावित डील को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका ईरान में हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को नष्ट कर देगा।"