अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल ले जा रहे दो टैंकरों को किया जब्त
अमेरिका द्वारा टैंकरों की गिरफ्तारी
मॉस्को/वॉशिंगटन। अमेरिका ने बुधवार को वेनेजुएला से तेल ले जा रहे दो टैंकरों को पकड़ लिया। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक टैंकर, जिसका नाम मैरिनेरा है, रूस का है, जबकि दूसरे का नाम सोफिया है, जो पनामा का झंडा लिए हुए है, लेकिन इसकी वास्तविक पहचान स्पष्ट नहीं है।
अमेरिकी बलों ने उत्तरी अटलांटिक में रूसी झंडे वाले टैंकर मैरिनेरा को जब्त किया, जबकि सोफिया को कैरिबियन सागर में पकड़ा गया। दोनों जहाजों को कुछ घंटों के अंतराल में रोका गया। रूस ने अपने जहाज की सुरक्षा के लिए सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज भेजे, लेकिन वे इसे बचाने में असफल रहे।
जानकारी के अनुसार, ये जहाज वेनेजुएला से तेल लेने के लिए जा रहे थे, जिसे चीन या अन्य देशों को भेजा जाना था। अमेरिकी सैनिक पिछले दो हफ्तों से मैरिनेरा का पीछा कर रहे थे।
पिछले महीने जहाज का नाम बदला गया था। अमेरिका ने जिस रूसी जहाज को पकड़ा है, पहले इसका नाम बेला-1 था और इसे प्रतिबंधित जहाजों की सूची में डाला गया था। दिसंबर 2025 में यह वेनेजुएला की ओर जा रहा था, लेकिन अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की।
उस समय जहाज के क्रू मेंबर की चतुराई से यह जहाज बच गया था। अमेरिकी कोस्ट गार्ड के पास इसे जब्त करने का वॉरंट था। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप था कि यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और ईरानी तेल ले जा रहा था।
तब यह जहाज गुयाना के झंडे के तहत रजिस्टर्ड था, लेकिन इसके बाद इसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया गया और इसे रूसी झंडे के साथ देश की आधिकारिक रजिस्ट्रेशन सूची में शामिल किया गया।
पकड़े जाने के डर से जहाज ने अपना रास्ता बदल दिया था। यह वेनेजुएला की ओर जा रहा था, लेकिन अमेरिकी ब्लॉक के डर से उसने अटलांटिक की ओर मोड़ लिया। अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने इस जहाज की निगरानी की।
हवाई और समुद्री निगरानी के जरिए इसके हर कदम पर नजर रखी गई। अमेरिकी जहाज USCGC मुनरो ने इसका पीछा करते हुए इसे पकड़ा। जब अमेरिकी बलों ने इसे उत्तरी अटलांटिक में बोर्ड किया, तब उसके पास रूस का एक सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज मौजूद थे। हालांकि, कोई सीधा टकराव नहीं हुआ। रूसी मीडिया ने जहाज के पास हेलिकॉप्टर की तस्वीरें जारी की हैं।
रूस ने कहा है कि किसी भी देश को दूसरे देश के रजिस्टर्ड जहाज पर बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी सेना ने लगभग दोपहर 3 बजे मेरिनेरा पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद जहाज से किसी भी तरह का संचार बंद हो गया।
रूस ने यह भी कहा कि 24 दिसंबर को मेरिनेरा को रूसी झंडे के तहत चलने की अस्थायी अनुमति दी गई थी।
अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण कई देश वेनेजुएला से तेल नहीं खरीद पा रहे हैं। दिसंबर 2025 में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए ‘शैडो फ्लीट’ पर ब्लॉक लगा दिया था।
वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध के कारण कई टैंकर सीधे तेल नहीं ले जा पा रहे थे। इसलिए वेनेजुएला और उसके ग्राहक (जैसे चीन) ‘शैडो फ्लीट’ का उपयोग कर रहे थे।
‘शैडो फ्लीट’ का अर्थ है ऐसे जहाज जो अपने असली स्थान और पहचान को छिपाकर तेल ले जाते हैं। ये टैंकर अपने ट्रांस्पॉन्डर बंद कर देते हैं या झंडा बदल देते हैं ताकि अमेरिका या अन्य देश उन्हें ट्रैक न कर सकें। इसे ‘डार्क मोड’ भी कहा जाता है।
