अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटने का खतरा, नई सैन्य रणनीतियों पर चर्चा
सीजफायर की स्थिति
अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को स्थापित सीजफायर अब खतरे में है। दोनों देशों के बीच किसी भी समझौते पर पहुंचने में असफलता के कारण, अमेरिका अपनी शर्तों पर अडिग है और ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस स्थिति में मध्य पूर्व में युद्ध की संभावना फिर से बढ़ सकती है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गुरुवार को CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर द्वारा ईरान में संभावित सैन्य कार्रवाई की नई योजनाओं पर जानकारी दी जाएगी.
ट्रंप की संभावित रणनीतियाँ
यह जानकारी दर्शाती है कि ट्रंप बातचीत में रुकावट को समाप्त करने या युद्ध समाप्त करने से पहले एक निर्णायक कदम उठाने के लिए बड़े सैन्य ऑपरेशनों पर विचार कर रहे हैं। CENTCOM ने ईरान पर छोटे और प्रभावी हमलों की योजना बनाई है, जिसमें संभवतः बुनियादी ढांचे को लक्षित किया जा सकता है.
ईरान पर हमले का उद्देश्य
ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि गंभीर हमलों के बाद ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर अधिक लचीलापन दिखाते हुए बातचीत की मेज पर लौट सकता है। इस ब्रीफिंग में एक और योजना साझा की जा सकती है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के एक हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर उसे वाणिज्यिक शिपिंग के लिए फिर से खोलने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
हाइपरसोनिक मिसाइलों की मांग
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ डार्क ईगल हाइपरसोनिक मिसाइलों को मध्य पूर्व में तैनात करने के लिए अनुरोध किया है। इसके लिए एक लंबी दूरी की प्रणाली की आवश्यकता होगी जो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बना सके.
