अमेरिका और इजरायल का ईरान पर भयानक हमला: प्रमुख स्टील संयंत्र और पुल ध्वस्त

अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपने हमलों को तेज कर दिया है, जिसमें तेहरान के चिकित्सा अनुसंधान केंद्र और प्रमुख स्टील संयंत्रों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष के लक्ष्यों को पूरा करने की बात की है। ईरान की सेना ने भी युद्ध जारी रखने की बात कही है। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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हमलों की तीव्रता में वृद्धि

नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपने हमलों को और अधिक तीव्र कर दिया है। इन हमलों में तेहरान के एक सदी पुराने चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, राजधानी के निकट एक पुल और दो बड़े स्टील संयंत्रों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि दोनों देश अपने हमलों को जारी रखे हुए हैं।


ईरान पर हमलों का प्रभाव

राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर करज से जोड़ने वाले हाईवे पर भी हमला हुआ। अल्बोर्ज प्रांत के उप-गवर्नर ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ISNA को बताया कि इस हमले में दो लोगों की जान गई।


स्टील उद्योग पर असर

अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान की दो प्रमुख स्टील कंपनियों को भी प्रभावित किया है। अहवाज में खुजिस्तान स्टील कंपनी और इस्फहान प्रांत में मोबारकेह स्टील कंपनी को पूरी तरह से बंद करना पड़ा है। इन हमलों ने ईरान की औद्योगिक क्षमता पर गंभीर प्रभाव डाला है।


ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका ईरान में अपने मुख्य लक्ष्यों को पूरा करने के बहुत करीब पहुंच गया है। हालांकि, उन्होंने संघर्ष के समाप्त होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्यों की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि युद्ध तब तक चलेगा जब तक दुश्मनों की अपमान और समर्पण नहीं हो जाता। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा संभावित जमीनी हमले की आशंका जताई है और कहा है कि ऐसे किसी भी प्रयास का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।