अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विश्व पुस्तक मेले में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की अद्वितीय सैन्य शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति और सशस्त्र बलों की मारक क्षमता की सराहना की। शाह ने वंदे मातरम् गीत की ऐतिहासिकता पर भी प्रकाश डाला और पुस्तक प्रेमियों को पढ़ाई के महत्व के बारे में बताया। इस लेख में उनके विचारों और मेले में की गई गतिविधियों का विस्तृत विवरण है।
 | 
अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक

गृह मंत्री का बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की अद्वितीय सैन्य क्षमता का प्रतीक है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सशस्त्र बलों की प्रभावी मारक क्षमता से समर्थित है।


यह टिप्पणी शाह ने विश्व पुस्तक मेले के दौरान भारत मंडपम में की। उन्होंने ‘वंदे मातरम पवेलियन’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर पवेलियन’ का दौरा किया, साथ ही देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।


उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की कृति आनंद मठ में वर्णित वंदे मातरम् गीत ने लाखों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने और ब्रिटिश शासन को समाप्त करने के लिए प्रेरित किया। शाह ने मेले में आने के लिए जनता को आमंत्रित किया और बच्चों को आनंद मठ की प्रतियां वितरित कीं।


शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं नयी दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों के साथ शामिल हुआ। पुस्तकें ज्ञान प्राप्त करने का सबसे अच्छा साधन हैं, और सभी को उम्र की परवाह किए बिना पढ़ते रहना चाहिए। पढ़ने की आदत तेजी से कम हो रही है, और मेरा मानना है कि पुस्तकें, चाहे वे डिजिटल हों या मुद्रित, ज्ञान अर्जित करने का सबसे प्रभावी तरीका हैं।”


गृह मंत्री ने 7 नवंबर, 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में पहली बार प्रकाशित राष्ट्रगीत के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सरकार द्वारा जारी एक बयान में शाह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर’ प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, सशस्त्र बलों की निर्णायक मारक क्षमता और सटीक खुफिया जानकारी का परिणाम है, जो भारत की अजेय सैन्य शक्ति को दर्शाता है। मैंने नयी दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में ‘ऑपरेशन सिंदूर पवेलियन’ का दौरा किया, जो युवा पीढ़ी को देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रेरित करता है।”