अमित शाह ने सहकारिता के महत्व पर जोर दिया, ग्रामीण विकास की दिशा में उठाए गए कदम

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने राजस्थान में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व कार्यों की सराहना की और किसानों को ऑर्गेनिक खेती अपनाने का आह्वान किया। समारोह में नई योजनाओं और ई-पैक्स के माध्यम से ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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सहकारिता के क्षेत्र में नई पहल


जयपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छोटे प्रयासों के माध्यम से बड़े बदलाव संभव हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की, जिससे सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा मिली है। इससे कृषि और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी क्षेत्र में रिक्त स्थानों को भरने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है और तकनीकी रूप से सक्षम सहकारी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।


अमित शाह ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सहकारिता से ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों और महिलाओं को आर्थिक सहायता मिली है, जिससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़ा है। उन्होंने किसानों से ऑर्गेनिक खेती को अपनाने का आग्रह किया और कहा कि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरता को नुकसान होता है।


डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी राष्ट्रवादी सोच के कारण कश्मीर, असम और पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि मुखर्जी ने दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था, और प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 को हटाकर उनके सपने को पूरा किया।


सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का धन्यवाद करते हुए कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। 'सहकार से समृद्धि' के सिद्धांत के साथ सहकारिता ने करोड़ों किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाया है।


उन्होंने बताया कि राजस्थान में लगभग 42 हजार सहकारी समितियां हैं, जिनमें 1 करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। सहकारिता सदस्यता अभियान के तहत 8 लाख 90 हजार नए सदस्य जोड़े गए हैं।


राजस्थान को मिलीं नई सौगातें

* 10 नए अन्न भंडारण गोदामों का शिलान्यास किया गया।


* 50 गोदामों का लोकार्पण किया गया।


* 100 गोदामों का राज्य भंडारण निगम को हस्तांतरण किया गया।


सहकार वन का ई-भूमि पूजन

* जयपुर के सुमेल गांव में 'सहकार वन' का निर्माण किया जाएगा।


* यह वन 64 एकड़ जमीन पर विकसित होगा।


* खेजड़ी, रोहिड़ा, नीम जैसे वृक्ष लगाए जाएंगे।


ग्रामीण आत्मनिर्भरता का माध्यम

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता से महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। राजस्थान में 9 लाख 40 हजार दुग्ध उत्पादक सदस्य जुड़े हुए हैं, जिनमें 4 लाख 20 हजार महिलाएं हैं। इससे दूध उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हुई है।


ई-पैक्स और ऑनलाइन लेनदेन

मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 हजार 646 पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित किया गया है, जिससे 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं। यह देश के कुल ट्रांजेक्शन का लगभग एक तिहाई है।


सहकारिता के लिए नवाचार

इस अवसर पर 50 हजार पैक्स का ई-पैक्स में रूपांतरण किया गया। अन्न भंडारण योजना के तहत 135 गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का लोकार्पण और 47 गोदामों का शिलान्यास किया गया।


समारोह में उपस्थित dignitaries

इस कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय सहकारिता और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।