अमित शाह ने घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल को दिए सख्त निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वी सीमा से घुसपैठ को गंभीर चुनौती मानते हुए सीमा सुरक्षा बल को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अवैध घुसपैठ को रोकने और पहले से मौजूद घुसपैठियों की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नई तकनीकों के माध्यम से सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है, जिसमें ड्रोन और स्मार्ट कैमरे शामिल हैं। इसके अलावा, नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित जनसांख्यिक मिशन का भी उल्लेख किया गया। जानें इस नई रणनीति के बारे में और कैसे सरकार सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
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अमित शाह ने घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल को दिए सख्त निर्देश gyanhigyan

घुसपैठ को रोकने के लिए सख्त कदम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वी सीमा से होने वाली घुसपैठ को देश की सुरक्षा और जनसांख्यिक संतुलन के लिए एक गंभीर चुनौती बताया है। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध घुसपैठ को पूरी तरह से रोका जाए और जो लोग पहले से ही अवैध रूप से देश में प्रवेश कर चुके हैं, उनकी पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जाए। नई दिल्ली में रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के दौरान अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल से कहा कि उन्हें केवल सीमा की निगरानी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तंत्र के साथ समन्वय बनाकर घुसपैठियों और उनके मार्गों की पहचान करनी चाहिए।


जनसांख्यिक संरचना को सुरक्षित रखने की आवश्यकता

गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वी सीमा के पार से सुनियोजित तरीके से घुसपैठ कर देश की प्राकृतिक जनसांख्यिक संरचना को बदलने की कोशिश की जा रही है। इसे रोकने के लिए एक संगठित और स्थायी व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल को निर्देश दिया कि वे गांवों के पटवारी, जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, खंड विकास अधिकारी और स्थानीय पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें ताकि नए घुसपैठियों, उनके प्रवेश मार्गों और तस्करी से जुड़े गिरोहों की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके। सरकार का उद्देश्य इन सभी मार्गों को व्यवस्थित रूप से बंद करना है।


स्मार्ट सीमा की योजना

अमित शाह ने बताया कि अगले वर्ष सीमा सुरक्षा बल की स्थापना के साठ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, और इस अवसर पर बांग्लादेश तथा पाकिस्तान सीमा को आधुनिक तकनीक से लैस "स्मार्ट सीमा" में बदला जाएगा। इस योजना के तहत ड्रोन, रडार, स्मार्ट कैमरे और अन्य उन्नत तकनीकी उपकरणों की सहायता से सीमा पर निगरानी को मजबूत किया जाएगा। इन प्रणालियों का उपयोग घुसपैठ रोकने के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी, पशु तस्करी, नकली भारतीय मुद्रा के प्रसार और हथियारों तथा नशीले पदार्थों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किया जाएगा।


नक्सलवाद के खिलाफ अभियान

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित उच्च स्तरीय जनसांख्यिक मिशन जल्द ही कार्यान्वित होगा। इस मिशन का उद्देश्य देश की जनसांख्यिक स्थिति का गहन अध्ययन करना और अवैध घुसपैठ से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान तैयार करना होगा। हालांकि उन्होंने मिशन की विस्तृत रूपरेखा साझा नहीं की, लेकिन संकेत दिए कि यह सीमा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।


सुरक्षा दृष्टिकोण में बदलाव

अमित शाह ने नक्सलवाद समाप्त करने के सरकारी अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने विभिन्न सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब सरकार ने यह लक्ष्य निर्धारित किया था, तब कई सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने इसे असंभव बताया था, लेकिन केंद्र सरकार अपने संकल्प पर अडिग रही।


आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति

गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा बल की "ऑपरेशन सिंदूर" में भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब आतंकवादी हमलों के बाद बातचीत या समझौते का दौर समाप्त हो चुका है और सरकार का रुख पूरी तरह कठोर है। शाह के अनुसार, भारत अब हर चुनौती का जवाब निर्णायक कार्रवाई से देने की नीति पर चल रहा है।