अमित शाह ने केरल में बीजेपी के लक्ष्य स्पष्ट किए, एलडीएफ-यूडीएफ पर साधा निशाना
बीजेपी का लक्ष्य केरल में सरकार बनाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरल में स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केरल में बीजेपी का सफर आसान नहीं रहा, लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत से पार्टी ने एक मजबूत पहचान बनाई है। शाह ने बताया कि बीजेपी का मुख्य लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि राज्य में अपनी सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है।
राजनीतिक स्थिति पर शाह की टिप्पणी
शाह ने केरल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य इस समय एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) की मिलीभगत के कारण ठहराव का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों दलों ने बारी-बारी से सत्ता में आकर भ्रष्टाचार करने का गुप्त समझौता किया है। उनके अनुसार, केरल का भविष्य इन दलों के साथ सुरक्षित नहीं है, क्योंकि वे राज्य की परंपराओं और विकास की रक्षा करने में असफल रहे हैं।
शाह का सुरक्षित केरल का वादा
अमित शाह ने पार्टी की बढ़ती ताकत के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2014 में बीजेपी का वोट शेयर 11% था, जो 2019 में 16% और 2024 में 20% के पार पहुंच गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए कहा कि जिस तरह पार्टी ने दो सीटों से शुरू करके केंद्र में तीसरी बार सरकार बनाई और असम जैसे राज्यों में जीत हासिल की, वही इतिहास केरल में भी दोहराया जाएगा।
एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना
गृह मंत्री ने एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल वोटबैंक की राजनीति के कारण PFI और SDPI जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि केवल बीजेपी ही केरल को ऐसी राष्ट्रविरोधी ताकतों से बचा सकती है। शाह ने तीन तलाक कानून का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने तुष्टीकरण की नीति के तहत इसका विरोध किया, जबकि बीजेपी 'सभी के लिए न्याय, किसी का तुष्टीकरण नहीं' के सिद्धांत पर चलती है।
