अमित शाह की अध्यक्षता में नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 जून को नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए नया विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029 जारी किया जाएगा। इस बैठक में 44 केंद्रीय मंत्रालयों और 108 राज्य प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। यह बैठक ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की समीक्षा करेगी और सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' को मजबूत करने का प्रयास करेगी।
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अमित शाह की अध्यक्षता में नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक gyanhigyan

नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर की 10वीं बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 जून को नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं उच्च स्तरीय बैठक का संचालन करेंगे, जिसमें नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए "विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029" का अनावरण किया जाएगा। यह बैठक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें 44 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के प्रमुख अधिकारी, साथ ही राज्य सरकारों और ड्रग कानून लागू करने वाली एजेंसियों के 108 प्रतिनिधि हाइब्रिड मोड में भाग लेंगे।


ड्रग्स की समस्या पर चर्चा

यह बैठक देश में नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयासों की समीक्षा और मूल्यांकन का एक मंच प्रदान करेगी। इसमें भाग लेने वाले राज्यों, विभागों और एजेंसियों को प्रभावी नशीले पदार्थों के नियंत्रण के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।


सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति

इस उच्च स्तरीय बैठक में अगले तीन वर्षों में देशभर में ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक से सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' को और मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर दिया है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-2029) पर विज़न डॉक्यूमेंट भी जारी करेंगे।


विज़न डॉक्यूमेंट का महत्व

गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बयान में कहा कि यह विज़न डॉक्यूमेंट, जो केंद्रीय सरकार के संबंधित विभागों, ड्रग कानून लागू करने वाली एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक बातचीत के बाद तैयार किया गया है, ड्रग की समस्या से निपटने के लिए मांग कम करने, आपूर्ति कम करने और नुकसान कम करने के पहलुओं पर एक साझा रोडमैप प्रदान करेगा।


समन्वित प्रयासों की आवश्यकता

MHA ने बताया कि इस रोडमैप में नेटवर्क-आधारित प्रवर्तन दृष्टिकोण की परिकल्पना की गई है, जिसमें सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट के माध्यम से तस्करी की चुनौतियों का सामना करने, युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने, और ड्रग उपयोगकर्ताओं के लिए इलाज और पुनर्वास केंद्रों की पहुंच बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। मंत्रालय ने आगे कहा कि यह दस्तावेज़ सभी हितधारकों के लिए जिम्मेदारियों, समय-सीमा और मापने योग्य लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।


NCB की वार्षिक रिपोर्ट का अनावरण

शाह NCB की वार्षिक रिपोर्ट-2025 भी जारी करेंगे और जम्मू और गुवाहाटी में नवनिर्मित NCB ज़ोनल कार्यालयों का उद्घाटन करेंगे।