अमरावती वायरल MMS मामला: एक बड़ा स्कैंडल बनता जा रहा है

अमरावती में वायरल MMS केस ने एक बड़ा स्कैंडल का रूप ले लिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक किराए के फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियों की कई बार शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। जांच में पता चला है कि इस फ्लैट का इस्तेमाल युवतियों को बुलाकर अश्लील वीडियो बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। जानें इस मामले में क्या नया सामने आया है और मुख्य आरोपी कौन है।
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अमरावती वायरल MMS मामला: एक बड़ा स्कैंडल बनता जा रहा है gyanhigyan

अमरावती वायरल MMS केस का नया मोड़

अमरावती वायरल MMS मामला: एक बड़ा स्कैंडल बनता जा रहा है


अमरावती में वायरल MMS केस अब एक गंभीर स्कैंडल का रूप ले चुका है। हालिया ग्राउंड रिपोर्ट और पुलिस जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने महीनों पहले एक किराए के फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। आरोप है कि परतवाड़ा के काठोरा रोड पर स्थित एक इमारत के तीसरी मंजिल के फ्लैट का इस्तेमाल युवतियों को लाने और अश्लील वीडियो बनाने के लिए किया जा रहा था।


पड़ोसियों की शिकायतें

इमारत में रहने वाले लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से फ्लैट में असामान्य गतिविधियाँ हो रही थीं। रात के समय बार-बार लोगों का आना-जाना होता था, जिससे आसपास के निवासियों को परेशानी होती थी। एक निवासी ने बताया कि रात में आवाजें सुनाई देती थीं, जिससे परिवारों की नींद प्रभावित हो रही थी। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


क्या मकान मालिक को चेतावनी दी गई थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार मकान मालिक को फोन कर और शिकायत देकर इस मामले की जानकारी दी थी। एक निवासी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दूसरे निवासी के अनुसार, मकान मालिक ने कहा कि अगर उन्हें समस्या है तो वे कहीं और शिफ्ट हो सकते हैं। अब ये आरोप जांच के केंद्र में हैं।


क्या फ्लैट में अश्लील वीडियो बनाए जाते थे?

पड़ोसियों और जांच एजेंसियों के अनुसार, इस फ्लैट का इस्तेमाल युवतियों को बुलाकर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, रात के समय यहां लगातार गतिविधियाँ होती थीं। अब इस मामले में यौन शोषण और डिजिटल ब्लैकमेलिंग के एंगल से जांच की जा रही है।


पुलिस जांच में क्या सामने आया?

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294, POCSO एक्ट की धारा 8 और 12, और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जांच में कई डिजिटल सबूत, चैट्स और ऑनलाइन गतिविधियों के सुराग मिले हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पीड़ितों को सोशल मीडिया के जरिए कैसे फंसाया गया। सूत्रों के अनुसार, इस केस में कई लोग शामिल हो सकते हैं।


कैसे बना बड़ा रैकेट?

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला दो आरोपियों अयान अहमद और उजेर खान के बीच हुई एक कथित ‘बेट’ से शुरू हुआ। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच ज्यादा महिलाओं से संपर्क बनाने की शर्त लगी थी। यह ‘बेट’ धीरे-धीरे अश्लील वीडियो बनाने और फिर ब्लैकमेलिंग के बड़े नेटवर्क में बदल गई। जांच में अब तक 18 अश्लील वीडियो और कई आपत्तिजनक तस्वीरें बरामद हुई हैं।


अयान अहमद की पहचान

अयान अहमद इस मामले का मुख्य आरोपी है। वह 21 साल का कॉलेज छात्र है और अचलपुर का निवासी है। पुलिस को उसके खर्च करने के तरीके और संभावित सट्टेबाजी से जुड़े संबंधों पर भी शक है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से संपर्क करता था और उन्हें जाल में फंसाता था।