अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू, 6,000 तीर्थयात्री रवाना

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के बाद फिर से शुरू किया गया है। 6,000 से अधिक तीर्थयात्री शनिवार को बालटाल के लिए रवाना हुए। यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को होगा। जानें यात्रा के मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में।
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अमरनाथ यात्रा का पुनः आरंभ

जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण छह दिनों तक स्थगित रहने के बाद वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, भगवती नगर आधार शिविर से 6,000 से अधिक तीर्थयात्रियों का 18वां जत्था कश्मीर घाटी के बालटाल आधार शिविर के लिए निकल चुका है। उल्लेखनीय है कि 19 जुलाई को मौसम की खराबी और भूस्खलन के खतरे के चलते यात्रा को रोक दिया गया था।


यात्रा के मार्गों पर मौसम का प्रभाव

मौसम ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर तक जाने वाले दोनों मार्गों पर विशेष प्रभाव डाला। इनमें अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का छोटा 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि 1,470 महिलाओं, 25 बच्चों और 54 साधुओं सहित कुल 6,269 तीर्थयात्रियों का जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच 223 वाहनों के काफिले में शनिवार तड़के दो बजकर 40 मिनट पर बालटाल के लिए रवाना हुआ।


यात्रा की सुरक्षा और मार्ग की स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम मार्ग के लिए कोई काफिला नहीं भेजा गया। मौसम में सुधार और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल होने के बाद यात्रा फिर से शुरू की गई। उधमपुर-रामबन मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण राजमार्ग तीन दिन तक बंद रहा था। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घाटी में वार्षिक यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले दो जुलाई को भगवती नगर आधार शिविर से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।


यात्रा का समापन और तीर्थयात्रियों की संख्या

यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को होगा। अब तक लगभग चार लाख तीर्थयात्री मंदिर के दर्शन कर चुके हैं, जिनमें से लगभग 1.20 लाख ने जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अपनी यात्रा शुरू की। जम्मू आधार शिविर का विकल्प चुनने वाले तीर्थयात्रियों को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के तहत काफिलों में कश्मीर ले जाया जाता है।