अमरनाथ यात्रा की शुरुआत: उपराज्यपाल ने की पूजा

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ गुफा मंदिर में ‘प्रथम पूजा’ कर वार्षिक अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने सभी भक्तों से यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया और प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम की जानकारी दी। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को रक्षा बंधन पर समाप्त होगी। जानें इस यात्रा की विशेषताएँ और प्रशासन के सुरक्षा इंतजाम।
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अमरनाथ यात्रा का औपचारिक आरंभ

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को दक्षिण कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में ‘प्रथम पूजा’ का आयोजन किया। इस पूजा के साथ ही तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई।


एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सिन्हा ने बाबा बर्फानी का आशीर्वाद लिया और सभी के लिए शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और भलाई की प्रार्थना की। उन्होंने भक्तों से इस आध्यात्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।


सिन्हा ने कहा कि प्रशासन, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक मिलकर तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और यादगार यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ अधिकारी श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।


श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गुफा मंदिर में ‘प्रथम पूजा’ का आयोजन करता है। इस वर्ष 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई को दो पारंपरिक मार्गों – अनंतनाग जिले में पहलगाम और गांदरबल जिले में बालटाल से शुरू होगी। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन पर होगा। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात, विशेष डीजी (समन्वय) एसजेएम गिलानी, एसएएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनदीप भंडारी और कश्मीर के मंडल आयुक्त अंशुल गर्ग भी सिन्हा के साथ गुफा मंदिर में उपस्थित थे।