अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को दी चुनौती, फालता चुनाव पर विवाद बढ़ा
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेता अमित मालवीय को फालता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराने के फैसले पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए इसे 'बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह' की साजिश बताया। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब मालवीय ने चुनाव आयोग के पुनर्मतदान के फैसले पर टिप्पणी की। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और आगामी चुनाव की ताजा जानकारी।
| May 3, 2026, 11:43 IST
भाजपा नेता को अभिषेक बनर्जी का कड़ा जवाब
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने फालता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराने के निर्णय पर भाजपा नेता अमित मालवीय को तीखा जवाब दिया है। मालवीय ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि 'डायमंड हार्बर मॉडल' पूरी तरह असफल हो गया है। इसके जवाब में, अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए इसे 'बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह' की साजिश करार दिया।
अभिषेक बनर्जी की भाजपा को खुली चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि उनके विरोधी चाहे कितने भी प्रयास कर लें, 'डायमंड हार्बर मॉडल' को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से चुनौती दी, 'आप पूरी ताकत लगा लीजिए। मैं भारत सरकार को चुनौती देता हूं कि वे फालता आएं और अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार या दिल्ली से किसी बड़े नेता को चुनाव लड़ने के लिए भेजें। अगर हिम्मत है, तो फालता में मुकाबला करके दिखाएं।'
डायमंड हार्बर मॉडल पर विवाद का कारण
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा नेता अमित मालवीय ने चुनाव आयोग के पुनर्मतदान के फैसले पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि फालता के सभी 285 बूथों पर दोबारा वोटिंग का आदेश यह दर्शाता है कि डायमंड हार्बर मॉडल धराशायी हो चुका है। फालता विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा के अंतर्गत आता है, जहां से अभिषेक बनर्जी सांसद हैं। अब इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा और 24 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
टीएमसी पर आरोप और चुनाव आयोग का निर्णय
चुनाव आयोग ने यह निर्णय 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान मिली गंभीर शिकायतों के आधार पर लिया। दक्षिण 24 परगना के फालता क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें डराया और धमकाया। लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया था। इन शिकायतों के आधार पर आयोग ने चुनाव में धांधली की बात मानते हुए दोबारा मतदान का आदेश दिया।
भाजपा की शिकायत और पुनर्मतदान
इससे पहले, जिले के 15 मतदान केंद्रों पर हुए पुनर्मतदान में लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जो काफी चौंकाने वाली थी। अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि दूसरे चरण के दौरान मतदाताओं को अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनने से रोका गया। इन्हीं आरोपों और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने फालता सीट पर पूरी तरह से फिर से चुनाव कराने का निर्देश दिया है।
