अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगने हेतु उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। यह कदम कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा उनकी याचिका को अस्वीकार करने के बाद उठाया गया। उच्च न्यायालय ने उन्हें कोलकाता में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का उपयोग करने की सलाह दी है। जानें पूरी कहानी में क्या हुआ और बनर्जी की अगली रणनीति क्या होगी।
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अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की अनुमति के लिए याचिका

नई दिल्ली, 30 जुलाई: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के उपचार के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगने हेतु उच्चतम न्यायालय का सहारा लिया है। यह कदम उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा उनकी याचिका को अस्वीकार करने के बाद उठाया। बनर्जी ने शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर कर 20 जुलाई को उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा दिए गए निर्णय को चुनौती दी है। हालांकि, इस मामले को अभी तक उच्चतम न्यायालय में सूचीबद्ध नहीं किया गया है।


कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित धमकी भरे बयानों से संबंधित मामले में बनर्जी को दंडात्मक कार्रवाई से मिली राहत की अवधि को पहले ही छह अक्टूबर तक बढ़ा दिया था। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बनर्जी को राहत देते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया था। डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।


उच्च न्यायालय ने उनके विदेश जाने के अनुरोध को अस्वीकार करते हुए कहा कि कोलकाता में कई प्रतिष्ठित नेत्र अस्पताल हैं। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि सांसद को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख से संपर्क करना चाहिए, जो यह तय करेंगे कि उनकी आंखों की समस्या का इलाज वहां संभव है या नहीं।