अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली राहत, ऑफिस गिराने पर लगी रोक

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने उनके अमतला स्थित ऑफिस को गिराने पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को अगली सुनवाई तक स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। यह मामला 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी से जुड़ा है, जिसके अभिषेक सीईओ हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में इसका महत्व।
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अभिषेक बनर्जी को मिली न्यायिक राहत

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को रविवार को कलकत्ता हाई कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में उनके कार्यालय को गिराने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सभी पक्षों को निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई या जुलाई के अंत तक स्थिति को यथावत बनाए रखा जाए। यह आदेश जस्टिस राजा बसु चौधरी द्वारा जारी किया गया। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार को अभिषेक के कार्यालय से संबंधित सभी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। बताया गया है कि यह कार्यालय 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी का है।


 


अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत का स्वामित्व 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी के पास है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, तृणमूल नेता अभिषेक इस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। अदालत ने डायमंड हार्बर रोड पर स्थित इस इमारत को तोड़ने की प्रक्रिया पर जुलाई के अंत तक रोक लगाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले की नियमित पीठ के समक्ष पुनः सुनवाई की जाएगी। 'लीप्स एंड बाउंड्स' ने इमारत को गिराने की कार्रवाई को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। 


 


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने अभिषेक के अमतला स्थित कार्यालय को तोड़ने की कार्रवाई शनिवार को शुरू की थी। प्रशासन का कहना है कि यह इमारत कथित तौर पर बिना स्वीकृत भवन योजना के और लागू नियमों का उल्लंघन करके बनाई गई थी। अभिषेक ने शनिवार को दावा किया कि उनका कार्यालय खरीदी गई जमीन पर कानूनी रूप से स्थापित है और इसके लिए सभी आवश्यक अनुमतियां भी प्राप्त की गई थीं।


 


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