अफगानिस्तान की भारत में टी20 श्रृंखला: एक ऐतिहासिक मेज़बानी
अफगानिस्तान की मेज़बानी का ऐलान
इस वर्ष के अंत में, अफगानिस्तान दिल्ली में भारत की मेज़बानी करने के लिए तैयार है। रिपोर्टों के अनुसार, अफगानिस्तान भारत के खिलाफ टी20 मैचों की श्रृंखला के लिए अपने घरेलू मैदान पर मेहमान के रूप में खेलने जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह पहली बार होगा जब अफगानिस्तान किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला में भारत की मेज़बानी करेगा।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से संपर्क किया है, जिसमें भारत द्वारा अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों की मेज़बानी के बाद वापसी दौरे की योजना बनाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। तीनों टी20 मैचों की तारीखें 13, 16 और 19 सितंबर निर्धारित की गई हैं।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि दोनों बोर्डों के बीच अच्छे संबंध हैं। बीसीसीआई ने आयरलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे जैसे अन्य देशों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वहां भारतीय टीमों को भेजकर मदद की है। इस संबंध में, बीसीसीआई और एसीबी के बीच एक समझौता हुआ है, और औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
दिल्ली में श्रृंखला की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई ने एसीबी और दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के बीच इस बात पर सहमति बनाई है कि अफगानिस्तान को श्रृंखला के लिए घरेलू मैदान के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। डीडीसीए अपनी दिल्ली प्रीमियर लीग टी20 की तारीखें भी इसी के अनुसार तय कर रहा है।
भारत के क्रिकेट बाजार से मिलने वाले भारी राजस्व के कारण, अफगानिस्तान द्वारा भारत की मेज़बानी करना एसीबी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। कई अन्य क्रिकेट बोर्डों ने भी भारत के खिलाफ श्रृंखला आयोजित करने का प्रयास किया है।
अफगानिस्तान ने पहले भी भारत में कई टीमों की मेज़बानी की है। 2017 में, उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयरलैंड के खिलाफ तीन टी20 और पांच वनडे मैचों की श्रृंखला आयोजित की थी। इसके अलावा, 2028 में देहरादून में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 श्रृंखला की मेज़बानी भी की थी। हाल ही में, उन्होंने 2024 में ग्रेटर नोएडा में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच का आयोजन किया था, जो बारिश के कारण रद्द हो गया था।
अफगानिस्तान द्वारा भारत की मेज़बानी, बीसीसीआई के निरंतर समर्थन को दर्शाती है, खासकर तब जब अफगानिस्तान बोर्ड अपने घरेलू मैदान पर कोई मैच आयोजित नहीं कर रहा है।
