अप्रैल में मौसम में अचानक बदलाव: दिल्ली-NCR में धुंध और बारिश
मौसम में परिवर्तन का कारण
अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है, जिसने सभी को चौंका दिया है। बारिश और तेज हवाओं के साथ-साथ कई क्षेत्रों में हल्की धुंध या कोहरा भी देखा गया है, जो इस समय के लिए असामान्य है। विशेषज्ञों ने इस बदलाव के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला है।
दिल्ली-NCR में धुंध का आलम
दिल्ली और NCR के कुछ हिस्से 24 घंटे पहले हल्की धुंध में लिपटे हुए थे। राजस्थान में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव हाल की बारिश, रात के तापमान में गिरावट और अधिक नमी के कारण हुआ है। पिछले 48 घंटों में कई कारकों के संयोजन से यह धुंध बनी।
नमी का स्तर बढ़ा
विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने नमी के स्तर को बढ़ा दिया, जबकि तापमान में थोड़ी गिरावट आई और रात भर आसमान साफ रहा, जिससे वाष्पीकरण और हल्का कोहरा बना। हाल के दिनों में तापमान में कमी और बारिश के कारण दिल्ली NCR के कुछ हिस्सों में धुंध देखी गई। यह स्थिति मार्च और अप्रैल में कभी-कभी देखने को मिलती है।
तापमान की जानकारी
शनिवार को न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। हालांकि, नमी वाली स्थिति में कोहरा बनने के लिए यह तापमान अभी भी काफी कम था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि हाल ही में आए पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े बादलों ने तापमान को नियंत्रित करने और नमी के स्तर पर प्रभाव डाला है।
कम बारिश का असर
हालांकि कोहरे के बावजूद, दिन में मौसम काफी सुहावना रहा और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम था। सफदरजंग मौसम स्टेशन पर पिछले 24 घंटे में केवल 0.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बौछारों की संभावना
कुछ स्थानों पर बारिश के बदलाव देखे गए, जैसे आयानगर में 5.8 मिमी बारिश हुई। IMD ने बताया कि दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश हुई, साथ ही तेज हवाएं चलीं और आसमान में बादल छाए रहे। अगले कुछ दिनों तक मौसम हल्का बना रहेगा और रविवार शाम को हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
तापमान में वृद्धि की संभावना
विशेषज्ञों ने बताया कि रविवार और सोमवार को दिन का तापमान बढ़ने की संभावना है, और सोमवार की रात को बारिश हो सकती है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ क्षेत्र में चक्रवातीय परिसंचरण पर प्रभाव डालेगा। 7 और 8 अप्रैल के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत पर असर डालने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली-NCR में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
खतरे की चेतावनी
यह खतरनाक मौसम प्रणाली उत्तर भारत से मध्य भारत की ओर बढ़ रही है। रविवार को झांसी, ग्वालियर और उत्तर मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज तूफान और आंधी का खतरा है। इस दौरान हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इसके अलावा, राजस्थान और हरियाणा में बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है.
