अन्ना हजारे ने NEET विवाद पर अहिंसा का किया समर्थन
अन्ना हजारे का अहिंसा पर जोर
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने हाल ही में कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा से नहीं हो सकता। NEET पेपर लीक विवाद के संदर्भ में, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज की कार्रवाई को उन्होंने गलत ठहराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर, हज़ारे ने छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय संवाद करने का आग्रह किया।
हज़ारे ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखा था कि अहिंसा के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने अपने 22 आमरण अनशनों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया। NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में, उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग के अनुसार, शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। युवा शक्ति देश की ताकत है, और इसका सही उपयोग होना चाहिए। यदि गलत रास्ते पर चलेंगे, तो परिणाम भी गलत होंगे। हज़ारे ने चुने हुए प्रतिनिधियों की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जनता ही असली मालिक है और मंत्री जनसेवक होते हैं।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर हज़ारे ने दिल्ली पुलिस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज करना गलत था और उन्होंने कई विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया है, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।
