अनोखे तलाक के मामले: आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव
अनोखे तलाक के मामले
आधुनिक जीवनशैली, विचारों में भिन्नता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की चाह ने विवाह संबंधों को एक नाजुक स्थिति में ला खड़ा किया है। गाजियाबाद के परिवार परामर्श केंद्र से कुछ अजीबोगरीब मामले सामने आए हैं, जहां जींस-टीशर्ट पहनने पर प्रतिबंध, इंस्टाग्राम रील बनाने की आदत और घूंघट प्रथा के खिलाफ विरोध जैसी वजहों से खुशहाल परिवार टूट गए। एक मामला तो ऐसा था, जिसमें एक महिला ने शादी के केवल दो दिन बाद ही ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
घूंघट की अनिवार्यता का विवाद
भोजपुर की सुनीता की शादी एक साल पहले अलवर के विनय से हुई थी। सुनीता का आरोप था कि ससुराल पहुंचते ही उस पर घूंघट करने का दबाव डाला गया, जो उसकी स्वतंत्रता का उल्लंघन था। उसने शर्त रखी कि यदि उसे हर समय घूंघट में रहना है, तो उसके पति को भी हमेशा शेरवानी पहननी होगी। काउंसलिंग के कई दौर के बाद भी दोनों पक्ष समझौता करने को तैयार नहीं हुए, और मामला तलाक के लिए कोर्ट में भेजा गया।
जींस-टीशर्ट पर पाबंदी
एक अन्य मामले में, एक नवविवाहिता ने शादी के एक हफ्ते बाद ही परामर्श केंद्र का रुख किया। उसने बताया कि शादी से पहले वह नौकरी करती थी और वेस्टर्न कपड़े पहनती थी, लेकिन ससुराल में उसे जींस-टीशर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। काउंसलर्स ने इस मामले में समझौता कराने में सफलता पाई।
सोशल मीडिया का प्रभाव
तीसरे मामले में, एक पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत की, जिसमें उसने कहा कि उसकी पत्नी दिनभर इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने में व्यस्त रहती है, जिससे पारिवारिक शांति भंग हो रही है। काउंसलर्स ने दोनों को समझाया और पत्नी ने अपनी आदत में सुधार करने का वादा किया।
लाइफस्टाइल के मतभेद
वसुंधरा क्षेत्र में एक पढ़ा-लिखा जोड़ा, जो दोनों आईटी क्षेत्र में काम करते थे, शादी के डेढ़ साल बाद अलग होने की कगार पर पहुंच गया। पति की देर रात तक जागने की आदत और पत्नी की स्वच्छता की मांग के कारण दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं। काउंसलर्स का कहना है कि सहनशीलता की कमी और आधुनिक जीवनशैली के चलते ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
