अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज का 5.5 अरब डॉलर का कर्ज पुनर्गठन योजना

अनिल अग्रवाल की अगुवाई में वेदांता रिसोर्सेज 5.5 अरब डॉलर के कर्ज को पुनर्गठित करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने कर्ज के भुगतान को ऑपरेटिंग कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड और कैश फ्लो के साथ सही तरीके से जोड़ना है। इस वित्तीय रणनीति के तहत, वेदांता विभिन्न बैंकों के साथ बातचीत कर रही है और दीर्घकालिक बॉंड के माध्यम से फंड जुटाने की योजना बना रही है। जानें इस योजना का कंपनी पर क्या असर पड़ेगा और इसके पीछे की रणनीति क्या है।
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अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज का 5.5 अरब डॉलर का कर्ज पुनर्गठन योजना gyanhigyan

वेदांता रिसोर्सेज का वित्तीय पुनर्गठन

अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में वेदांता रिसोर्सेज एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम उठाने की योजना बना रही है। कंपनी लगभग 5.5 अरब डॉलर (लगभग 45,000 करोड़ रुपये) के अपने सभी कर्ज को एक बार में पुनर्गठित करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य कर्ज चुकाने की प्रक्रिया को ऑपरेटिंग कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड और कैश फ्लो के साथ सही तरीके से जोड़ना है, ताकि भविष्य में नकदी की कमी न हो।


बैंकों से फंड जुटाने की योजना

सूत्रों के अनुसार, लंदन स्थित कंपनी वेदांता रिसोर्सेज अपने कर्ज का भुगतान करने के लिए दीर्घकालिक बॉंड और लोन का संयोजन उपयोग में लाएगी। कंपनी 10 साल की अवधि वाले बॉंड के माध्यम से 3.5 से 3.7 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है, जबकि शेष 1.5 से 1.7 अरब डॉलर के लिए 5 साल की मैच्योरिटी वाले लोन पर चर्चा चल रही है।


इस वित्तीय योजना को लागू करने के लिए, वेदांता प्रबंधन ने हाल के हफ्तों में आठ प्रमुख बैंकों के साथ बातचीत की है, जिनमें सिटी बैंक, जेपी मॉर्गन, बार्कलेज, और अन्य शामिल हैं। हालांकि, कई बैंकों ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।


डीमर्जर और कर्ज चुकाने की रणनीति

अनिल अग्रवाल का यह निर्णय तब आया है जब उन्होंने वेदांता लिमिटेड से पांच अलग-अलग कंपनियों को अलग करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्ज पुनर्गठन को सरल बनाना है।


वेदांता रिसोर्सेज को अगले तीन वित्तीय वर्षों में हर साल 500 से 600 मिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना है, जो वित्त वर्ष 2030 में बढ़कर लगभग 1.25 अरब डॉलर हो जाएगा। कंपनी इस कर्ज को चुकाने के लिए सालाना लगभग 350 मिलियन डॉलर की ब्रांड फीस और 600 से 700 मिलियन डॉलर के डिविडेंड का उपयोग करती है।


कर्ज चुकाने की नई रणनीति

पिछले समय में वेदांता को तब कठिनाई होती थी जब कमोडिटी की कीमतें गिरती थीं और उसे एकमुश्त भारी कर्ज चुकाना पड़ता था। अब कंपनी 'अमॉर्टाइजिंग स्ट्रक्चर' पर काम कर रही है, जिसका अर्थ है कि कर्ज को एक बार में चुकाने के बजाय किस्तों में चुकाया जाएगा।


इस वित्तीय अनुशासन का सकारात्मक प्रभाव अब दिखाई दे रहा है। हाल ही में रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने कंपनी की रेटिंग में सुधार किया है। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 और 2028 में वेदांता रिसोर्सेज का एबिटडा 7 अरब डॉलर रह सकता है।