अनिरुद्ध अग्रवाल: IIT रुड़की के इंजीनियर से हॉरर फिल्मों के राक्षस तक का सफर

अनिरुद्ध अग्रवाल, जो IIT रुड़की से इंजीनियरिंग के बाद फिल्म इंडस्ट्री में आए, ने हॉरर फिल्मों में राक्षस का किरदार निभाकर पहचान बनाई। उनकी अनोखी शारीरिक बनावट और दुर्लभ बीमारी ने उन्हें एक अद्वितीय अभिनेता बना दिया। जानें उनके सफर के बारे में और कैसे उन्होंने बिना मेकअप के भी दर्शकों को प्रभावित किया।
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अनिरुद्ध अग्रवाल: IIT रुड़की के इंजीनियर से हॉरर फिल्मों के राक्षस तक का सफर gyanhigyan

अनिरुद्ध अग्रवाल का फिल्मी सफर

सोनू सूद, कृति सेनन और आर माधवन जैसे कई सितारे हैं जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अभिनय में कदम रखा और सफलता हासिल की। आज ये सभी कलाकार फिल्म इंडस्ट्री में प्रसिद्ध हैं। लेकिन क्या आप उस अभिनेता के बारे में जानते हैं जिसने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की और फिर एक आकर्षक करियर को छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखा? यह अभिनेता ज्यादातर नकारात्मक भूमिकाओं में नजर आया। वह आमिर खान की असफल फिल्म 'मेला' में भी दिखाई दिए। यह अभिनेता हैं अनिरुद्ध अग्रवाल, जिनकी अनोखी शारीरिक बनावट और लंबाई ने उन्हें हिंदी सिनेमा का 'राक्षस' बना दिया। आइए जानते हैं उनके बारे में।


अनिरुद्ध अग्रवाल: एक अद्वितीय अभिनेता

हालांकि अनिरुद्ध अग्रवाल आज फिल्म इंडस्ट्री से दूर हैं, लेकिन एक समय था जब वह हॉरर फिल्मों के लिए मेकर्स की पहली पसंद थे। उन्होंने रामसे ब्रदर्स की फिल्म 'पुराना मंदिर' से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने एक राक्षस का किरदार निभाया। 1984 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनकी शारीरिक बनावट ने उन्हें बिना ज्यादा मेकअप के ही राक्षस के रूप में प्रस्तुत करने में मदद की।


दुर्लभ बीमारी का प्रभाव

अनिरुद्ध ने एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे वह एक समय में सबके लिए डरावना चेहरा बन गए थे। 1949 में देहरादून में जन्मे अनिरुद्ध ने अपने पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और आईआईटी रुड़की से स्नातक किया। इसके बाद, जब वह मुंबई आए और अभिनय में करियर बनाने का प्रयास कर रहे थे, तभी उन्हें एक दुर्लभ बीमारी का सामना करना पड़ा। इस बीमारी के कारण उनका चेहरा बिगड़ गया और उनकी लंबाई भी असामान्य रूप से बढ़ने लगी। यह सब उनकी पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर के कारण हुआ।


बिना मेकअप के शैतान का किरदार

अनिरुद्ध ने 2017 में बीबीसी को बताया कि 'पुराना मंदिर' में शैतान के किरदार के लिए उन्हें किसी मेकअप की आवश्यकता नहीं थी। रामसे ब्रदर्स ने उन्हें बिना मेकअप के ही चुना, क्योंकि उनका चेहरा इतना अलग था कि लोग उन्हें देखकर मुड़कर जरूर देखते थे। इसके अलावा, उन्होंने 'त्रिमूर्ती', 'बंद दरवाजा', 'गुब्बारे', आमिर खान की 'मेला' और अक्षय कुमार की 'तलाशः द हंट बिगिंस' जैसी फिल्मों में भी काम किया।