अडानी ग्रुप की नई उपलब्धियां: अर्जेंटीना में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट और निवेशकों का विश्वास

अडानी ग्रुप को अर्जेंटीना में पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके साथ ही, भारतीय शेयर बाजार में बड़े संस्थागत निवेशकों ने ग्रुप की कंपनियों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे हैं। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा आरोप वापस लेने के बाद निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, जिससे ग्रुप का मार्केट कैपिटलाइजेशन 20 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। जानें इस सफलता की पूरी कहानी।
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अडानी ग्रुप की नई उपलब्धियां: अर्जेंटीना में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट और निवेशकों का विश्वास gyanhigyan

अडानी ग्रुप के लिए सकारात्मक समाचार

अडानी ग्रुप को वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई सकारात्मक समाचार मिल रहे हैं। ग्रुप की प्रमुख कंपनी, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, ने अर्जेंटीना के पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का महत्वपूर्ण मरीन सर्विसेज कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार में बड़े संस्थागत निवेशकों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे हैं। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा चेयरमैन गौतम अडानी पर लगे आरोपों को वापस लेने के बाद निवेशकों का विश्वास काफी मजबूत हुआ है, जिससे ग्रुप का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।


अर्जेंटीना के पहले एलएनजी प्रोजेक्ट में अडानी की भागीदारी

अडानी पोर्ट्स की सहायक कंपनी 'अडानी हार्बर इंटरनेशनल' ने अर्जेंटीना के मेरिडियन ग्रुप के साथ मिलकर एक प्रतिस्पर्धी टेंडर जीता है। यह ठेका साउथर्न एनर्जी एसए द्वारा दिया गया है, जो अर्जेंटीना के सैन मटियास गल्फ में देश का पहला फ्लोटिंग एलएनजी प्रोजेक्ट विकसित कर रही है। इस 10 साल के समझौते के तहत अडानी का कंसोर्टियम वहां टगबोट ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक्स और क्रू ट्रांसफर जैसी महत्वपूर्ण मरीन सेवाएं प्रदान करेगा। इसके लिए चार विशेष टगबोट और अन्य जहाजों को तैनात किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सितंबर 2027 से चालू होने की उम्मीद है और इसके पहले चरण में हर साल 2.45 मिलियन टन एलएनजी का उत्पादन किया जाएगा।


अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी खरीदारी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही सफलताओं के बीच, भारतीय शेयर बाजार में भी बड़े संस्थागत निवेशकों ने अडानी ग्रुप पर बड़ा दांव लगाया है। पिछले महीने ग्रुप की बड़ी लिस्टेड कंपनियों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की ब्लॉक डील्स देखी गईं। इनमें कैपिटल इंटरनेशनल, कैपिटल ग्रुप, एसबीआई म्यूचुअल फंड, बिड़ला म्यूचुअल फंड और कतर होल्डिंग जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल रहीं। इस अवधि में अडानी पोर्ट्स में लगभग 7,400 करोड़ रुपये के सौदे हुए।


ब्रोकरेज फर्म्स का अडानी ग्रुप पर भरोसा

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि अडानी ग्रुप ने उन दो बड़ी बाधाओं को पार कर लिया है, जिन्होंने हाल के वर्षों में निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया था। इनमें जनवरी 2023 के शॉर्टसेलर के आरोप और नवंबर 2024 की अमेरिकी जांच शामिल हैं। जेफरीज ने भी अडानी ग्रुप की कंपनियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है।