अडानी को अमेरिका से मिली राहत, कांग्रेस ने मोदी पर साधा निशाना

गौतम अडानी को अमेरिका से राहत मिली है, जिससे कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया है। अमेरिकी न्याय विभाग और SEC अदाणी के खिलाफ चल रहे मामलों को खत्म करने की तैयारी में हैं। इस घटनाक्रम ने भारत में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अडानी समूह के शेयरों पर निवेशकों की नजर।
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अडानी को अमेरिका से मिली राहत, कांग्रेस ने मोदी पर साधा निशाना gyanhigyan

अडानी के खिलाफ अमेरिकी जांच में राहत

भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के लिए अमेरिका से एक सकारात्मक खबर आई है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग अदाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक और सिविल धोखाधड़ी के मामलों को समाप्त करने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के बाद भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे हमले किए हैं। ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी प्रशासन अब इस एक साल पुराने मामले में पीछे हटने के संकेत दे रहा है।


SEC मामले का निपटारा

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) भी उस समानांतर सिविल धोखाधड़ी मामले को निपटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसे उसने नवंबर 2024 में अडानी और अन्य के खिलाफ दायर किया था। न्याय विभाग ने आरोप लगाया था कि अडानी और अन्य ने भारत में सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का वादा किया था, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति के लिए एक सौर ऊर्जा परियोजना हासिल की जा सके। चूंकि अडानी अमेरिका में मौजूद नहीं थे, इसलिए न्याय विभाग की कानूनी कार्रवाई रुक गई थी। हालांकि, SEC का मामला अदालत में आगे बढ़ने लगा था।


अडानी समूह के शेयरों पर निवेशकों की नजर

इस नई जानकारी के बीच, 15 मई, 2026 को अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। जिन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, उनमें अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी पावर शामिल हैं।


अडानी ने SEC मामले को खारिज करने की मांग की

अप्रैल में, गौतम अडानी ने अमेरिका की एक अदालत में याचिका दायर कर SEC द्वारा दायर प्रतिभूति धोखाधड़ी के मुकदमे को खारिज करने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून का अस्वीकार्य रूप से सीमा के बाहर इस्तेमाल है और व्यक्तिगत क्षेत्राधिकार के अभाव में यह मामला टिक नहीं सकता। SEC ने अडानी और अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने निवेशकों को गुमराह किया और भारत के सरकारी अधिकारियों से जुड़ी रिश्वतखोरी की योजना का खुलासा नहीं किया।


कांग्रेस ने मोदी पर निशाना साधा

इस बीच, कांग्रेस ने उन मीडिया रिपोर्टों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया है, जिनमें कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारी गौतम अडानी पर लगे आरोप हटाने की तैयारी में हैं। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका के उस पूरी तरह से एकतरफ़ा व्यापार 'सौदे' पर सहमति क्यों दी, जो असल में अमेरिका द्वारा की गई एक तरह की लूट थी।"