अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ की नमाज टिप्पणी पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सड़कों पर नमाज पढ़ने की टिप्पणी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई कार्यक्रम सड़कों पर होते हैं और ऐसे मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोगों का ध्यान असली समस्याओं से भटकाने की कोशिश कर रही है। जानें इस विवाद पर और क्या कहा गया है।
| May 20, 2026, 13:19 IST
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने सड़कों पर नमाज पढ़ने के खिलाफ चेतावनी दी थी। यादव ने कहा कि राज्य में कई कार्यक्रम सड़कों पर आयोजित होते हैं, क्योंकि स्थान की कमी है, और ऐसे मुद्दों को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। लखनऊ में एक सभा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए, जैसा कि संविधान में उल्लेखित है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी सड़क पर हो रही है, क्योंकि सरकार उचित व्यवस्था नहीं कर रही है।
लखनऊ की स्थिति पर टिप्पणी
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि लखनऊ को स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन यहां यातायात की स्थिति धीमी है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के धर्म का अपमान नहीं होना चाहिए और सभी को समान अधिकार मिलते हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोगों को ऐसे मुद्दों में उलझाकर असली समस्याओं से ध्यान भटकाना चाहती है। यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सड़कों का चौड़ीकरण चाहती है और बहस जन मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ की चेतावनी
अखिलेश यादव का यह बयान योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक प्रथाएं निर्धारित पूजा स्थलों पर ही अदा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कें आवागमन के लिए हैं, न कि तमाशा करने के लिए। मुख्यमंत्री ने समुदाय को सलाह दी है कि यदि आवश्यक हो तो नमाज बारी-बारी से अदा करें।
