अंबेडकरनगर में सड़क हादसे ने 8 जिंदगियों को लील लिया, मानवता की मिसाल बने भाई

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक भीषण सड़क दुर्घटना में 8 लोगों की जान चली गई। यह घटना तब हुई जब कुछ लोग घायल व्यक्तियों की मदद के लिए रुके थे। इनमें से दो सगे भाई भी शामिल थे, जिन्होंने मानवता का परिचय दिया। इस हादसे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। जानें इस दुखद घटना की पूरी कहानी और मृतकों की पहचान।
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अंबेडकरनगर में सड़क हादसे ने 8 जिंदगियों को लील लिया, मानवता की मिसाल बने भाई gyanhigyan

दुखद सड़क दुर्घटना की कहानी

अंबेडकरनगर समाचार: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। जलालपुर थाना क्षेत्र के अशरफपुर भुवा भट्ठे के निकट रविवार रात को एक भीषण सड़क दुर्घटना में 8 लोगों की जान चली गई। सबसे दुखद यह है कि इनमें से कई लोग वे थे, जिन्होंने सड़क पर घायल पड़े अजनबियों की मदद के लिए रुकने का साहस दिखाया। मानवता की इस मिसाल की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।


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घटना रविवार रात लगभग 12 बजे हुई। अकबरपुर-जलालपुर मार्ग पर दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मदद के लिए दौड़े।


इनमें सम्मनपुर क्षेत्र के जैनापुर के दो सगे भाई, आदित्य (25) और दिव्यांशु उर्फ छोटू (14) भी शामिल थे। दोनों भाई एक शादी समारोह से लौट रहे थे। घायलों को देखकर उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल रोकी और एम्बुलेंस को फोन करने का प्रयास किया। उन्हें नहीं पता था कि उनकी यह मदद की कोशिश उनकी जान ले लेगी।


बेकाबू कार ने मचाई तबाही


जब सड़क पर मदद के लिए लोग इकट्ठा हुए थे, तभी एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आई। चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और उसने सड़क पर खड़े लोगों को बेरहमी से रौंद दिया। इसके बाद कार सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गई।


एक पल में स्थिति बदल गई। जो लोग दूसरों को अस्पताल भेजने की तैयारी कर रहे थे, वे खुद लहूलुहान होकर सड़क पर पड़े थे। पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।


मौत का आंकड़ा बढ़ा


पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जलालपुर पहुंचाया, जहां 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। दो अन्य गंभीर घायलों को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस हादसे ने 8 परिवारों को बर्बाद कर दिया।


आदित्य और दिव्यांशु की कहानी


हादसे में जान गंवाने वाले भाई आदित्य और दिव्यांशु की कहानी बेहद भावुक है। परिजनों के अनुसार, आदित्य एक सप्ताह पहले ही घर लौटा था। उसके पिता ने बारात जाने से मना किया था, लेकिन वह छोटे भाई के साथ चला गया। दोनों ने मानवता का परिचय दिया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके गांव जैनापुर में इस घटना के बाद से चूल्हा तक नहीं जला है।


मृतकों की पहचान


  • पुलिस के अनुसार, मृतकों में निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
  • आदित्य (25) और दिव्यांशु (14) – सगे भाई, निवासी जैनापुर।
  • उत्तम कुमार (24) – निवासी सेमरा, कटका।
  • लालचंद्र (24) – निवासी पट्टी मुइथन, जलालपुर।
  • कैफी (32) – निवासी लोरपुर ताजन/सैदापुर।
  • राजू गुप्ता (32) – निवासी सिकंदरपुर, सम्मनपुर।
  • दो अन्य शवों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।


प्रशासनिक कार्रवाई


अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. जयवीर सिंह ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस कार चालक और घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इलाके में गम और गुस्से का माहौल है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही ने 8 हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया।