अंबेडकरनगर में महिला की संदिग्ध मौत पर ससुराल और मायके में विवाद

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर ससुराल और मायके वालों में विवाद उत्पन्न हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर पंचायत बुलाई गई, जहां यह तय किया गया कि शव किसे सौंपा जाएगा और मुखाग्नि कौन देगा। दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। अंततः पंचायत ने निर्णय लिया कि शव महिला के मायके वालों को दिया जाएगा और अंतिम संस्कार एक विशेष घाट पर किया जाएगा। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में हलचल मचा दी है।
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अंबेडकरनगर में महिला की संदिग्ध मौत पर ससुराल और मायके में विवाद gyanhigyan

अंबेडकरनगर में विवादित अंतिम संस्कार

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर ससुराल और मायके वाले आमने-सामने आ गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पोस्टमार्टम हाउस पर पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत ने यह तय किया कि शव किसे सौंपा जाएगा, मुखाग्नि कौन देगा और अंतिम संस्कार किस घाट पर होगा। दोनों पक्ष अपनी-अपनी इच्छाओं के अनुसार निर्णय लेना चाह रहे थे, जिसके चलते पंचायत ने मध्य मार्ग निकाला।


मामले की पृष्ठभूमि

यह घटना टांडा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पियारेपुर खास की है। सोनू की शादी लगभग साढ़े सात साल पहले राजेश की बेटी चंदा से हुई थी। उनके एक छह साल का बेटा भी है। चंदा का शव गुरुवार को उसके ससुराल में फंदे से लटका हुआ मिला। जैसे ही मायके वालों को इस घटना की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे और चंदा की मौत पर सवाल उठाने लगे।


पंचायत की बैठक

पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जो आज किया गया। चंदा एक दिन पहले ही मायके से ससुराल आई थी, जबकि उसका पति तमिलनाडु में था। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेने के लिए दोनों पक्ष अड़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टांडा कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा और टांडा कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी सहित कई सम्मानित लोग वहां मौजूद थे।


अंतिम निर्णय

अंत में यह निर्णय लिया गया कि शव महिला के मायके वालों को सौंपा जाएगा और मुखाग्नि उसका बेटा देगा। अंतिम संस्कार किस घाट पर होगा, इस पर भी पंचायत में चर्चा हुई, क्योंकि दोनों पक्ष अलग-अलग घाट पर अंतिम संस्कार करने के लिए अड़े थे। अंततः तीसरे घाट पर अंतिम संस्कार करने पर सहमति बनी। शव को पोस्टमार्टम हाउस से लगंगड़ी पृथ्वीपुर ले जाया गया।