अंबरनाथ में भाजपा को बड़ा झटका, एनसीपी पार्षदों ने शिवसेना का किया समर्थन
अंबरनाथ नगर परिषद में राजनीतिक हलचल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है, क्योंकि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के चार पार्षदों ने अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की शिवसेना का समर्थन करने का निर्णय लिया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब यह खबरें आईं कि भाजपा ने अंबरनाथ में शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, जिसे बाद में दोनों दलों ने खारिज कर दिया।
अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 60 पार्षद हैं, जिनमें से 27 शिवसेना के हैं, जबकि भाजपा के पास 14 और कांग्रेस तथा एनसीपी के पास क्रमशः 12 और 4 पार्षद हैं। अब, शिवसेना को चार एनसीपी पार्षदों और एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन प्राप्त है, जिससे कुल मिलाकर उनके पास 32 पार्षदों का समर्थन है।
एनसीपी का कांग्रेस के साथ असहमति
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के स्थानीय नेताओं ने कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने पर असंतोष व्यक्त किया था और पार्टी नेतृत्व को सूचित किया था कि वे 2023 से ही अंबरनाथ में कांग्रेस का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन 'स्वीकार्य' नहीं है, जिसके कारण पार्टी ने अब शिवसेना का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि शिवसेना, भाजपा और एनसीपी महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन अंबरनाथ नगर परिषद के चुनाव में ये दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे।
भाजपा-कांग्रेस गठबंधन पर विवाद
अंबरनाथ में भाजपा-कांग्रेस गठबंधन ने महाराष्ट्र में कई लोगों को चौंका दिया, जिसके चलते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को स्पष्टीकरण देना पड़ा। फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस के साथ कोई भी गठबंधन अस्वीकार्य है और अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिए गए फैसले को सुधारा जाएगा।
कांग्रेस के 12 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं, जिससे भाजपा को एक और झटका लगा है। पार्टी ने इन सभी 12 पार्षदों की अयोग्यता की मांग करने का निर्णय लिया है।
