UNSC ने लाल सागर में हूथी हमलों पर निगरानी बढ़ाई

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लाल सागर में हूथी विद्रोहियों के हमलों की निगरानी को बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम 15 जनवरी, 2027 तक प्रभावी रहेगा। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए और बताया कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है। उन्होंने हूथियों और ईरान के संबंधों पर भी प्रकाश डाला, चेतावनी दी कि ईरान की आक्रामकता से क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ सकती है।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का निर्णय

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने मंगलवार को लाल सागर में हूथी विद्रोहियों के हमलों की निगरानी के लिए UN महासचिव को हर महीने खुफिया जानकारी देने के अधिकार को छह महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया। यह कदम 15 जनवरी, 2027 तक निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेगा। प्रस्ताव 2826 (2026) को 13 सदस्यों के समर्थन से मंजूरी मिली, जबकि चीन और रूस ने मतदान में भाग नहीं लिया। परिषद के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि लाल सागर कॉरिडोर से गुजरने वाले वैश्विक व्यापार मार्गों, महत्वपूर्ण समुद्री शिपिंग रूटों और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा के लिए नियमित रिपोर्टिंग प्रणाली आवश्यक है।


अमेरिकी राजदूत का बयान

रिपोर्टिंग तंत्र के नवीनीकरण का समर्थन करते हुए, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय स्थिरता का एक महत्वपूर्ण आधार है। वाल्ट्ज़ ने यह भी बताया कि शासन व्यवस्थाएं अपनी आक्रामकता के परिणामों से बचने के लिए इस स्वतंत्रता को दबाने के लिए तैयार हैं।


हूतियों और ईरान का संदर्भ

हूतियों और ईरान का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि हूती एक घोषित आतंकवादी संगठन हैं और तेहरान के अनुयायी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खतरे में डालने के लिए तैयार है, तो हूती कब तक अपने तेहरान संरक्षक की तरह लाल सागर को बंद करने का निर्णय लेंगे?