TMC सांसदों की BJP में असहजता, लौटने की संभावना पर चर्चा

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने शनिवार को भाजपा में शामिल सांसदों की असहजता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये सांसद संभवतः सत्ताधारी गठबंधन में बने रहने के लिए दबाव का सामना कर रहे हैं। रॉय ने पुष्टि की कि उन्होंने कुछ सांसदों से बात की है, जो भाजपा में सहज नहीं हैं। इस बीच, NDA की बैठक में NCPI के तीन नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और क्या हो सकती है सांसदों की संभावित वापसी।
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TMC सांसदों की स्थिति पर सौगत रॉय की टिप्पणी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने शनिवार को बताया कि पार्टी के कुछ सांसद, जो भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हुए थे, अब असहज महसूस कर रहे हैं। रॉय ने कहा कि ये सांसद संभवतः सत्ताधारी गठबंधन में बने रहने के लिए दबाव और डराने-धमकाने का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने इनमें से कुछ सांसदों से बातचीत की है और कहा कि वे भाजपा में सहज नहीं हैं। यदि वे वापस लौटते हैं, तो यह सकारात्मक होगा।


NDA की बैठक में NCPI नेताओं की अनुपस्थिति

यह घटनाक्रम मंगलवार को NDA की 'मंगल मिलन' बैठक में NCPI के तीन नेताओं—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—के शामिल न होने के बाद सामने आया। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि ये सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में शामिल नहीं होना चाहते, भले ही NCPI ने किसी भी मतभेद से इनकार किया हो। विधानसभा चुनावों में हार के बाद, TMC के 20 बागी सांसदों ने पार्टी छोड़कर 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल होकर NDA को समर्थन देने का निर्णय लिया था।


NCPI नेताओं की भाजपा में शामिल होने की अनिच्छा

रॉय ने आगे कहा कि उन्हें बताया गया है कि NCPI के नेता NDA में शामिल नहीं होना चाहते और भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करना चाहते, इसलिए उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। बातचीत जारी है, लेकिन अभी कुछ भी निश्चित नहीं है। जब उन्होंने TMC छोड़ी थी, तब यह स्पष्ट नहीं था कि वे भाजपा में शामिल होंगे। इन नेताओं के लिए अपने समुदाय को जवाब देना कठिन होता जा रहा है।


राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर

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