TMC में बगावत की खबरों पर ममता बनर्जी का जोरदार जवाब
TMC की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हाल ही में आई बगावत की खबरों के बीच, पार्टी ने एनडीए (NDA) को समर्थन देने के आरोपों का खंडन किया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने सांसदों की बगावत और उनके हस्ताक्षरों वाली सूची को "फर्जी और मनगढ़ंत" बताया है। उनका कहना है कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा फैलाया गया एक दुष्प्रचार है, जो पूरी तरह असफल रहा है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और कल्याण बनर्जी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर इस कथित बगावत के पीछे होने का आरोप लगाया।
कीर्ति आज़ाद का बयान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, कीर्ति आजाद ने कहा कि यह सूची "फर्जी और मनगढ़ंत" है और इसे भाजपा ने फैलाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सूची में शामिल कई नेताओं ने इस कदम से जुड़े किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। आजाद ने लिखा, "यह फ़र्ज़ी और मनगढ़ंत लिस्ट BJP ने फैलाई है। इनमें से छह लोगों ने साफ़ तौर पर किसी भी दस्तावेज़ या कागज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है। ऑपरेशन लोटस फेल हो गया है। अमित शाह फेल हो गए हैं।"
कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इस मामले में तीखा हमला किया। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को कथित तौर पर लिखे गए पत्र की खबरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 24 घंटे बाद भी ऐसा कोई पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि स्पीकर के कार्यालय ने कहा है कि उन्हें ऐसा कोई संदेश नहीं मिला है।
भूपेंद्र यादव के साथ बैठक का जिक्र
कुछ टीएमसी नेताओं की वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के साथ कथित बैठक का जिक्र करते हुए, बनर्जी ने सवाल किया कि बैठक कैसे आयोजित हुई और इसे किसने संभव बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वे अब ममता बनर्जी को अपना नेता नहीं मानते और इसके बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ने का फ़ैसला कर चुके हैं।
दलबदल विरोधी कानून का जिक्र
कल्याण बनर्जी ने कहा कि टीएमसी से अलग होने की कोशिश करने वाले किसी भी समूह को दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। उनके अनुसार, जो नेता संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य होने से बचना चाहते हैं, उन्हें औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होना पड़ सकता है।
सांसदों की आलोचना
उन्होंने उन सांसदों की भी आलोचना की जिनका नाम रिपोर्ट में आया है। बनर्जी ने कहा कि इनमें से कई ने चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी की तारीफ़ की थी, लेकिन अब वे दावा कर रहे हैं कि टीएमसी में रहते हुए वे विकास कार्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "चुनाव के दौरान, यही काकोली दस्तीदार ममता बनर्जी की तारीफ़ करते नहीं थकती थीं। जो नेता कभी हर मौके पर उनकी तारीफ़ करते थे, वे अब बहाने बना रहे हैं।"
