TCS नासिक शाखा में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक शाखा में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक पुरुष कर्मचारी ने अपनी दर्दनाक कहानी साझा की है, जिसमें उसे नमाज़ पढ़ने और टोपी पहनने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा, उसकी निजी जिंदगी पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की गईं। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के तथ्यों को।
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TCS नासिक शाखा में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप gyanhigyan

TCS नासिक में उत्पीड़न का मामला

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक शाखा हाल ही में गंभीर विवादों में घिरी हुई है। महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद, एक पुरुष सहकर्मी ने भी अपनी दर्दनाक कहानी साझा की है। पीड़ित ने बताया कि उसे न केवल नमाज़ पढ़ने और टोपी पहनने के लिए मजबूर किया गया, बल्कि उसकी निजी जिंदगी पर अपमानजनक टिप्पणियाँ भी की गईं।


इंडिया टुडे से बातचीत में, पीड़ित ने कहा कि उसके टीम लीडर और अन्य सहकर्मियों ने उसकी शादीशुदा जिंदगी का मजाक उड़ाया। जब उन्हें पता चला कि शादी के कई सालों बाद भी उसके बच्चे नहीं हैं, तो एक आरोपी ने कहा, "अगर मेडिकल इलाज से भी बच्चा नहीं हो रहा है, तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो।"


उत्पीड़न की शुरुआत

पीड़ित ने बताया कि उत्पीड़न की शुरुआत 2022 में हुई, जब वह कंपनी में शामिल हुआ। उसके टीम लीडर, तौसीफ़ अत्तार, और सहकर्मी दानिश शेख ने उसे निशाना बनाना शुरू कर दिया। तौसीफ़ ने अपनी अधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित पर अतिरिक्त काम का बोझ डाल दिया।


दानिश और तौसीफ़ का नाम पहले से ही एक FIR में आया है, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि दानिश ने उसे जबरदस्ती चूमने की कोशिश की और उससे शादी करने की इच्छा जताई।


धर्म के मुद्दे पर उत्पीड़न

पीड़ित ने कहा कि उसकी धार्मिक पहचान विवाद का केंद्र बन गई। उसने आरोप लगाया कि सहकर्मी अक्सर हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाते थे और धार्मिक हस्तियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ करते थे।


उत्पीड़न केवल मौखिक नहीं था; पीड़ित ने कहा कि उसे नाइट शिफ्ट के बाद होटलों में ले जाया जाता था और मांसाहारी भोजन खाने के लिए मजबूर किया जाता था। जब उसने मना किया, तो उसका मजाक उड़ाया गया।


निजी जीवन का अपमान

पीड़ित ने यह भी कहा कि उसके निजी जीवन का मजाक उड़ाया गया, खासकर जब उसके और उसकी पत्नी के कोई बच्चे नहीं थे। आरोपियों ने अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं, जिसमें यह भी शामिल था कि अगर उसे बच्चा चाहिए, तो उसे अपनी पत्नी को उनके पास भेज देना चाहिए।


जब उसने इसका विरोध किया, तो तौसीफ़ ने उस पर एक टेबल फैन फेंककर मारा और जान से मारने की धमकी दी।


आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने TCS नासिक की शाखा में कई महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर नौ मामले दर्ज किए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसमें पाँच पुरुष और दो महिलाएँ शामिल हैं।