TCS नासिक मामले में निलंबित कर्मचारी की गिरफ्तारी, यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच जारी
नासिक में TCS BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न का मामला
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक स्थित BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के मामले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पिछले 25 दिनों से फरार निलंबित कर्मचारी निदा खान को विशेष जांच टीम (SIT) ने छत्रपति संभाजी नगर से गिरफ्तार किया है।
निदा खान पर आरोप है कि उसने न केवल मुख्य आरोपियों की सहायता की, बल्कि महिला कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव भी डाला। पिछले महीने, नासिक में TCS से जुड़ी एक BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न, मानसिक शोषण और धर्मांतरण के प्रयासों के आरोप सामने आए थे। इन शिकायतों के बाद, पुलिस ने खान का पता लगाने के लिए राज्यभर में तलाशी अभियान चलाया।
निदा खान के खिलाफ गंभीर आरोप
निदा खान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और बलात्कार तथा यौन शोषण के मामलों में आरोपियों की मदद करने का आरोप है। जांचकर्ताओं का कहना है कि उसने एक शिकायतकर्ता को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की और पीड़ितों को आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से रोका।
खान ने अग्रिम जमानत के लिए नासिक की अदालत में अर्जी दी थी, लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी गई। अभियोजन पक्ष ने कहा कि हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, क्योंकि जांच में डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान शामिल हैं।
जांच की विस्तृत जानकारी
विशेष जांच टीम (SIT) ने अदालत को बताया कि खान ने एक शिकायतकर्ता को धार्मिक रीति-रिवाजों से परिचित कराया और उसे हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता का नाम बदलने की योजना थी और सह-आरोपियों ने पीड़िता से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे।
SIT ने यह भी बताया कि जांच का दायरा बढ़ गया है और मालेगांव तथा मलेशिया से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और TCS की प्रतिक्रिया
पुलिस ने उन स्थानों पर छापे मारे जहाँ निदा खान के छिपे होने की संभावना थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। निदा खान के वकील ने अदालत में कहा था कि वह गर्भवती है और गिरफ्तारी से सुरक्षा मांग रही है।
TCS ने कहा है कि उसे आरोपी व्यक्तियों से संबंधित कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन कंपनी ने आरोपों की आंतरिक जांच के लिए एक निगरानी समिति बनाई है।
