SBI के चौथे तिमाही परिणाम: मुनाफा बढ़ा, फिर भी शेयरों में गिरावट
SBI Q4 परिणाम: मुनाफा बढ़ा, फिर भी निवेशकों में निराशा
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें बैंक ने हजारों करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। हालांकि, इस सकारात्मक प्रदर्शन के बावजूद, शेयर बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही है। जब बैंक का मुनाफा बढ़ा है, तो फिर शेयर बाजार में यह घबराहट क्यों है?
बंपर मुनाफा, फिर भी बाजार की उम्मीदों पर फिरा पानी
मार्च तिमाही में SBI ने अपने स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफे में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 19,684 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, बाजार के विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि मुनाफा 20,312 करोड़ रुपये के पार जाएगा। इसी तरह, बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) भी 4.1 प्रतिशत बढ़कर 44,380 करोड़ रुपये हो गई है। इसके बावजूद, यह आंकड़े बाजार की अपेक्षाओं से कम रहे, जिससे निवेशकों में निराशा का माहौल बना।
शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों को ‘डिविडेंड’ का मरहम
बाजार की उम्मीदों पर खरा न उतरने का असर SBI के शेयरों पर पड़ा, जिससे शेयर की कीमत लगभग 5 प्रतिशत गिरकर 1,037.5 रुपये पर आ गई। इस गिरावट ने उन निवेशकों को झटका दिया, जो नतीजों के बाद बड़े उछाल की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, बैंक ने अपने शेयरधारकों को खुश करने के लिए प्रति शेयर 17.35 रुपये का डिविडेंड देने की घोषणा की है। जो निवेशक 16 मई 2026 तक शेयर होल्ड करेंगे, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे।
कर्ज की स्थिति में सुधार, लेकिन यहां फंसा पेंच
किसी भी बैंक की सेहत उसके दिए गए कर्ज की सुरक्षा और एसेट क्वालिटी पर निर्भर करती है। इस मामले में SBI ने अच्छा प्रदर्शन किया है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) 1.57 प्रतिशत से घटकर 1.49 प्रतिशत पर आ गया है। हालांकि, नेट एनपीए में मामूली बढ़त देखी गई है।
ट्रेजरी ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भारी गिरावट
बैंक के मुनाफे को सहारा देने में प्रोविजनिंग का बड़ा हाथ रहा है। इस तिमाही में SBI ने 2,872 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है, जो पिछले साल की तुलना में कम है। लेकिन बैंक की ट्रेजरी ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भारी गिरावट आई है, जो पिछले साल के 8,991 करोड़ रुपये से घटकर 1,259 करोड़ रुपये पर आ गई है।
