Reels के प्रभाव: माता-पिता की नैतिकता पर सवाल

हाल ही में एक वायरल वीडियो ने Reels के प्रभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस वीडियो में माता-पिता अपने बच्चे के सामने आपत्तिजनक दृश्य प्रस्तुत करते हैं, जो न केवल नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि बच्चों की मानसिकता पर भी असर डालता है। क्या हम नैतिकता और बचपन को कंटेंट के नाम पर बलि चढ़ा रहे हैं? यह लेख इस मुद्दे पर गहराई से विचार करता है।
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Reels के प्रभाव: माता-पिता की नैतिकता पर सवाल

Reels का नैतिकता पर प्रभाव

Reels के प्रभाव: माता-पिता की नैतिकता पर सवाल


हाल के दिनों में, Reels ने लोगों की सोच और नैतिकता को किस हद तक प्रभावित किया है, इसका एक उदाहरण हाल ही में सामने आया एक वीडियो है।
इस वीडियो में एक माता-पिता और उनका बच्चा एक साथ लेटे हुए हैं। बच्चा लाइट बंद करता है और फिर उसे ऑन करता है, तभी माँ अपने पति के ऊपर इस तरह से दिखाई देती है कि दृश्य को जानबूझकर आपत्तिजनक और अश्लील तरीके से प्रस्तुत किया गया है।


विडंबना यह है कि इस प्रकार की रील्स अब 'कॉमेडी' के नाम पर लाखों व्यूज़ प्राप्त कर रही हैं।
लेकिन क्या कोई यह सोच रहा है कि इस बच्चे की मानसिकता पर इसका क्या असर पड़ेगा?
क्या कोई यह समझ रहा है कि माता-पिता अपने बच्चे को इस तरह के दृश्य में शामिल कर रहे हैं?


यह ट्रेंड मुख्यतः विदेशी Reels से प्रेरित है, जहाँ “shock value” को सामग्री की जान माना जाता है।
लेकिन भारत जैसे देश में, जहाँ परिवार, संस्कार और मर्यादा को महत्व दिया जाता है — वहाँ इस तरह की वीडियो न केवल शर्मनाक हैं, बल्कि समाज के लिए खतरनाक संकेत भी हैं।


क्या हम नैतिकता और बचपन को कंटेंट के नाम पर बलि चढ़ाने की दिशा में बढ़ रहे हैं?
यह सवाल हर रचनाकार, दर्शक और माता-पिता को खुद से पूछना चाहिए।